अभिमन्यु ने जैसे गर्भ में चक्रव्यूह तोड़ने के गुर सीखे, कुछ कुछ वैसे ही मार्शल आर्ट्स विद्युत जामवाल के डीएनए में है। नानी मार्शल आर्ट्स की क्लासेज चलाती हैं। मां ट्रेनर हैं और बेटा बन चुका है हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा एक्शन स्टार। विद्युत से एक खास मुलाकात।
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विद्युत जामवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
आपकी फिल्म जंगली हिंदुस्तान में क्यों नहीं शूट हो पाई?और, हाथियों के साथ यूं भागते-दौड़ते आपको डर नहीं लगा?
हमारी टीम पहले देश के जंगलों में घूमी उसके बाद हम थाईलैंड गए। जानवर वहां के काफी ट्रेंड हैं। लोगों के घरों में ही 10-10 हाथी हैं। राष्ट्रीय पशु होने के चलते वहां की सरकार उनके रखरखाव में मदद करती है। हमारी सरकार भी जानवरों के साथ शूटिंग करने में अब दिलचस्पी नहीं लेती। वहां के हाथी काफी समझदार है। शूटिंग के दौरान जब मैं पांच-छह हाथियों के बीच से दौड़ कर निकलता तो मुझे ये डर लगा रहता कहीं किसी हाथी का दांत मुझे न लग जाए, लेकिन कभी कोई हादसा हुआ नहीं।
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विद्युत जामवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
आपको अपनी मार्शल आर्ट्स की सीडी भेजकर ही साउथ में काम मिल गया था, यहां मुंबई में कितना कठिन रहा पहला ब्रेक पाना?
ये साल 2009 -10 की बात होगी जब मैं यहां फिल्मों के लिए ऑडिशन देने जाया करता था। वो दौर मेरी जिंदगी का सबसे कठिन दौर था। फोर्स फिल्म के लिए ऑडिशन के लिए पहुंचा तो अपने से भी ज्यादा मजबूत लोगों को वहां देखकर मैं पहले तो डरा। लेकिन मुझे अभिनय आता था। मुझे पूरा विश्वास था कि मुझे इस फिल्म में चांस मिलेगा और वही हुआ।
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विद्युत जामवाल
- फोटो : file photo
खुद को फिट रखने के लिए क्या करते हैं?
बॉडी बिल्डिंग हो या फिटनेस या फिर कमायाबी की कोई दूसरी डगर। लगातार मेहनत और नियमित मेहनत से ही ये हासिल हो सकता है। मेरा हर दिन का एक रुटीन है। नियमित भोजन लेता हूं और ज्यादा से ज्यादा वर्कआउट करता हूं। और, इसके लिए कैसे भी करके समय जरूर निकालता हूं।
आपका जन्म जम्मू कश्मीर में हुआ वहां के हालात पर कुछ कहना चाहेंगे?
सेना के अफसर का बेटा होने की वजह से मुझे कभी किसी भी चीज से डर नहीं लगा। मैं अपने देश के बारे में सब जानता हूं। मैंने शोहरत देखी है, अमीरों संग समय बिताता हूं। मेरे दादा, पिता,चाचा सब भारतीय सेना में रहे हैं। पाकिस्तान की हरकतों को लेकर मुझे बड़ा गुस्सा है लेकिन कुछ कर नहीं सकता हूं। हां, देश को कभी जरूरत पड़ी और बुलावा आया तो मैं सब कुछ छोड़ सरहद पर चला जाऊंगा।