indra kumar
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आपकी फिल्मों की प्रेम कहानियां हिंदी सिनेमा की क्लासिक कहानियों में गिनी जाती हैं, फिर कॉमेडी फिल्मों की तरफ कैसे रुख हुआ?
क्या हुआ कि मन (1999 – आमिर, मनीषा कोइराला, अनिल कपूर) के बाद मेरी कुछ फिल्में चली नहीं तो मैंने अपना दूसरे नजरिए से मूल्यांकन करना शुरू किया। मुझे समझ में तब आया कि मैं फिल्में अपने हिसाब से बनाता जा रहा हूं, दर्शकों के हिसाब से नहीं। दर्शकों की पसंद बदल चुकी थी तो फिर मैंने 2004 में मस्ती बनाई और 2007 में धमाल। अब तो दोनों फिल्मों की सीरीज बन चुकी हैं। कॉमेडी फिल्मों ने सिनेमा को नया इंद्र कुमार दिया।