मशहूर सिगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल के मौजूदा सीजन में भटिंडा, पंजाब के रहने वाले सनी सभी के दिलों में खास जगह बनाते जा रहे हैं। कभी बूट पॉलिश कर गुजारा करने वाले सनी खुद को इस मंच पर पाकर खुशनसीब महसूस करते हैं।
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sunny
- फोटो : amar ujala
शो के शीर्ष 15 प्रतिभागियों में जगह बना लेने के बाद आगे की राह कितनी मुश्किल है?
सभी की शुभकामनाओं के साथ अभी तक का मेरा सफर अच्छा गया है। मैंने सोचा नहीं था कि शो में यहां तक पहुंच पाऊंगा। मुझे तो ऑडिशन के समय ही लगने लगा था कि मेरा चुनाव नहीं होगा। अब तो मुझे यह पूरा सफर सपने जैसा लगता है। लगता है कि मैं सोया और खोया हुआ हूं। कुछ पता ही नहीं चल रहा है। इन सभी चीजों से खुश भी हूं और थोड़ा हैरान भी हूं।
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sunny
- फोटो : amar ujala
यहां तक पहुंचना आपके लिये कितना चुनौतीपूर्ण रहा?
छोटा था तभी मेरे पिता की मृत्यु हो गई, बहुत मुश्किलों से मेरी मां ने मेरी परवरिश की। मेरा स्कूल भी छूट गया। हमारे ऐसे हालात थे कि लोग आते-जाते हमें कोसते थे और अपने पैसे वापस मांगते थे। घर की स्थिति को देखते हुए मुझे बूट पॉलिश का काम भी करना पड़ा। सभी ने हमसे नाता तोड़ लिया। मेरी बहन भी हमारे साथ ही रहती हैं। हालात सुधर नहीं रहे थे तो हमें पापा का बनाया घर भी बेचना पड़ा।
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Anand Mahindra, sunny
- फोटो : amar ujala
गायिकी की शुरुआत कैसे हुई?
सात साल का था तब से गा रहा हूं। मेरे पिता भी गाया करते थे। कठिन परिस्थितियों में भी यह कला मुझसे अलग ना हो सकी। जब कुछ लोगों ने मुझे गाता सुना तो दरगाह पर गाने के लिये बोला और वहीं से धीरे-धीरे मुझे लोग पहचानने लगे। मैंने पहली बार नुसरत साहब को सुना था तो मैं रो दिया था। कुछ समय बाद मुझे इंडियन आइडल के ऑडिशन के बारे में पता चला और देखते ही देखते मेरी किस्मत बदल गयी।
शोहरत हासिल करने के बाद लोगों के बर्ताव में किस तरह का बदलाव आया?
पहले हमारे घर में कोई कदम नहीं रखता था। लेकिन अब तो घर में भीड़ लगी रहती है। पहले मेरा कोई रिश्तेदार नहीं था। लेकिन अब वो भी बन गये हैं। कोई मेरा मामा बन गया, कोई चाचा, कोई भाई, तो कोई कुछ और। दरअसल मुझे अपने बुरे वक्त में ही पता चला कि कौन अपना है और कौन पराया। बुरा वक्त आपको बहुत कुछ सीखा कर जाता है।