ताराचंद बड़जात्या
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20 शहरों में खोले दफ्तर
ताराचंद बड़जात्या ने चेन्नई, हैदराबाद से अपना करियर शुरू किया और दक्षिण भारत से अनेक फिल्म निर्माताओं को बॉलीवुड में हिंदी फिल्मों की मुख्यधारा में लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने सबसे पहले फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन का काम शुरू किया और पहली बार इसके उत्तर और दक्षिण भारत में जालंधर से लेकर विशाखापट्टनम तक लगभग 20 प्रमुख शहरों में अपने कार्यालय खोले। उन्होंने अनेक ब्लॉक बस्टर फिल्मों का डिस्ट्रीब्यूशन किया जिनमें 'शोले', 'धर्मवीर', 'अमर-अकबर-एंथनी', 'विक्टोरिया नं. 203', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'कुली', 'खिलौना', 'बैजू बावरा', 'आनंद', 'गुड्डी', 'कभी खुशी कभी गम', 'देवदास' और 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' जैसी अपने समय की सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।