लता मंगेशकर
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सिगरेट की डब्बी पर लिखा गया था 'ए मेरे वतन के लोगों..'
यह देशभक्ति के गानो में पहले पायदान पर आता है। सुनने वालों को यह गाना भावुक कर जाता है। इस गाने को कवि प्रदीप ने लिखा था और स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी ने गाया था। दरअसल, फिल्मों में देशभक्ति गानों का चलन शुरू करने का श्रेय भी इस गाने के रचयिता कवि प्रदीप को जाता है। इस गाने को लिखने के पीछे एक कहानी है। यह गाना वर्ष 1963 में लिखा गया था। दरअसल, यह लोकप्रिय गीत भारत-चीन युद्ध के बाद लिखा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत-चीन युद्ध के बाद जब दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने का विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ तो उसके लिए कवि प्रदीप से एक खास गीत लिखने के लिए कहा गया। एक रोज प्रदीप सुबह के वक्त समुद्र के किनारे टहल रहे थे। तभी उनके दिमाग में इस गाने की कुछ लाइनें आईं। उस दौरान उनके पास न तो कोई कलम थी न कागज। उन्होने एक मुसाफिर से कलम मांगी और सिगरेट की डिब्बी के फॉइल पेपर को कागज बनाकर उस पर गाना लिख लिया। बाद में उन्होंने यह गाना पूरा किया। इस गाने को लता मंगेशकर ने स्वर दिए। हालांकि, लता दी ने पहले तो इस गाने को गाने से इनकार ही कर दिया था, लेकिन फिर काफी मनाए जाने के बाद वह राजी हुईं। सिगरेट पर लिखे इस गाने ने जो इतिहास रचा है, आज उससे सभी परिचित हैं। 26 जनवरी 1963 को जब दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के सामने जब यह गीत गाया गया तो उनकी आंखे भी भर आई थीं।