अजय देवगन, इमरान हाशमी, संजय मिश्रा, विद्युत जामवाल, इलियाना डी क्रूज और ईशा गुप्ता की फिल्म 'बादशादो' कल से सिनेमाघरों में आ रही है। मिलन लूथरिया के डायरेक्शन में 'बादशाहो' फिल्म इमरजेंसी के एक मशहूर किस्से पर बनी फिल्म है, जिसमें राजस्थान के अरबों के खजाने की सरकारी लूट वाले बहुचर्चित किस्से को बताया गया है। इस फिल्म में इलियाना डी क्रूज का किरदार असल जिंदगी से प्रेरित है। आगे की स्लाइड में जानें, उस खूबसूरत महारानी और इस बहुचर्चित किस्से के बारे में...
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ileana d'cruz, Gayatri Devi
'बादशाहो' फिल्म में इलियाना डी क्रूज गीतांजलि के किरदार में हैं। जो महारानी है। बेहद खूबसूरत है। बोल्ड है। राजनीति करती है। इमोशनल है। अकूत दौलत की मालकिन है। पर फिल्म का बैकड्रॉप इमरजेंसी पर है, जो इस फिल्म में राजस्थान की महारानी के सबसे चर्चित खजाने की सरकारी लूट की ही मुख्य बात है। आगे की स्लाइड में जानें, कितने ट्रकों में भरा गया वो खजाना, और कहां गया..
Exclusive: 'बग्स बनी' कहने पर जानें क्या कहा इलियाना डी क्रूज ने
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फाइल फोटो
'बादशाहो' फिल्म उसी खजाने के बारे में है, जिसके बारे में कहा जाता है कि तत्कालीन सरकार के कर्ताधर्ताओं ने उस अरबों के खजाने पर कब्जे की रणनीति बनाई थी। कहा तो ये भी जाता है कि वो खजाना उन नेताओं के पास पहुंच भी गया। दरअसल, इमरजेंसी के समय में 3 दिनों के लिए जयपुर-दिल्ली नेशनल हाइवे को बंद कर दिया गया था। यहां सेना लगा दी गई थी। और इसके पीछे की सुगबुगाहट में खजाने की लूट का जिक्र आता है। आगे की स्लाइड में जानें, इलियाना ने किस महारानी का किरदार पर्दे पर उतारा...
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इलियाना और गायत्री देवी
'बादशाहो' फिल्म में गीतांजलि का किरदार उस समय जयपुर की महारानी रही गायत्री देवी से मिलता जुलता बताया गया है। गायत्री देवी बला की खूबसूरत थी। बेहद समझदार और वादे की पक्की। गायत्री देवी को इमरजेंसी के समय जेल भेज दिया गया था। वो इमरजेंसी का विरोध कर रही थी। उन्होंने 1962, 1967 और 1971 का चुनाव जबरदस्त तरीके से जीता था। 1962 में तो उन्होंने सबसे बड़े अंतर के हिसाब से जीत हासिल की थी, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का हिस्सा बना। आगे की स्लाइड में जानें, किस तरह से इमरजेंसी ने इस महारानी को तोड़ने की कोशिश की...
'बादशाहो' से हटाया गया ये रीमेक सॉन्ग, जानें क्या है वजह
गायत्री देवी करीब 5 माह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद रही। उसी दौरान जयपुर के किले में सरकारी लूट हुई। कहा जाता है कि यहां से आर्मी के ट्रकों में भरकर खजाने निकाले गए। पर वो कहां गए, किसी को कुछ नहीं पता। मिलन लूथरिया की फिल्म में असल कहानी नहीं है, हां-अफवाहों और उन दिनों के किस्सों को मिलाकर उन्होंने खूबसूरत फिल्म बनाई है। इमरजेंसी के दौर की पीढ़ी इस किस्से को जरूर जाना पहचाना पाएगी...