चुपके-चुपके, अनुपमा, आनंद, अभिमान, गुड्डी, गोलमाल और नमक हराम जैसी यादगार फिल्में बनाने वाले ऋषिकेश मुखर्जी की पहचान एक तेज-तर्रार निर्देशक की तौर पर थी। वो किसी भी एक्टर को शूट किए जाने वाले सीन की जानकारी नहीं देते थे यानि किसी को भी ये नहीं पता होता था कि अगले सीन में उसे क्या रोल मिलने वाला है, बस कॉस्ट्यूम एक्टर्स को थमा दी जाती थी। 27 अगस्त 2006 को उनका निधन हो गया था। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम उनकी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा आपको बता रहे हैं।