होली का यह त्योहार हमेशा से ही हिंदी सिनेमा का पसंदीदा रहा है। होली के सीन्स, फिल्में और गाने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के फेवरेट हैं। लेकिन आजकल की फिल्मों में होली के सीन्स और गाने कम ही देखने को मिलते हैं। वहीं एक ऐसा समय भी था जब होली सीन फिल्मों के लिए काफी जरूरी होते थे। होली के सीन फिल्माने के लिए डायरेक्टर से लेकर एक्टर तक कड़ी मेहनत करते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिनेमा में होली की शुरुआत कब हुई, तो चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं।
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औरत फिल्म
- फोटो : सोशल मीडिया
बड़े पर्दे पर पहली बार होली देश की आजादी से पहले ही खेली गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार आजादी से पहले साल 1940 में रिलीज हुई फिल्म औरत में पहली बार होली के सीन को क्रिएट किया गया था। इसे क्रिएट करने के पीछे सारा दिमाग और हाथ डायरेक्टर महबूब खान का है। औरत में होली के सीन को क्रिएट तो जरूर किया गया, लेकिन उस समय फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट बनती थीं, इसलिए इस फिल्म में होली तो खेलते हुए दिखाया गया, लेकिन होली के रंग पर्दे पर दिख नहीं पाए।
महबूब खान ने पर्दे पर होली तो दिखा दी, लेकिन वह रंग नहीं दिखा पाए इसका उनको अफसोस रहा। इसीलिए जब कलर फिल्मों का दौर आया तब महबूब खान ने इस फिल्म को दोबारा मदर इंडिया के नाम से बनाया। मदर इंडिया कलर फिल्म भी थी और इसमें होली के रंग भी पर्दे पर देखने को मिले।
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मदर इंडिया फिल्म
- फोटो : सोशल मीडिया
औरत में सरदार अख्तर, याकुब, अरून जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे, तो वहीं फिल्म मदर इंडिया में नरगिस, राजेंद्र कुमार, सुनील दत्त जैसे सितारे थे। मदर इंडिया उस दौर में सुपरहिट साबित हुई थी।
हालांकि महबूब खान ने मदर इंडिया से पहले 1952 में आन नाम की भी फिल्म बनाई थी, जिसमें दिलीप कुमार, नादिरा और निम्मी जैसे एक्टर्स थे। इस फिल्म में भी एक होली की सीन रखा गया था। महबूब खान की ज्यादातर फिल्मों में होली स्पेशल सीन रखे जाते थे। यही वजह है कि फिल्मों में होली दिखाने का पूरा क्रेडिट महबूब खान को जाता है।