शेखर सुमन
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अभिनेता ने बताया, 'मैं उसके पार्थिव शरीर के साथ पूरी रात, पूरे दिन लेटा रहा और बहुत रोया। अलका भी बहुत रोई थी, लेकिन आखिरकार वह संभल गई। माता-पिता के लिए इससे बड़ी पीड़ा और दुख क्या हो सकती है कि वे अपने बच्चे का अंतिम संस्कार करें।' उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि समय दर्द को कम करेगा, क्योंकि इससे घाव ठीक हो जाएंगे। मगर हमारा दर्द और बढ़ गया।'