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हरिवंश राय बच्चन के लाडले रहे हैं अमिताभ, 112वीं जयंती पर देखें पिता-पुत्र की अनदेखी तस्वीरें

Wed, 27 Nov 2019 03:39 PM IST
भावना शर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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big b - फोटो : social media
हिंदी के मशहूर लेखक हरिवंश राय बच्चन की आज 112वीं जयंती है । हरिवंश का जन्म 27 नवंबर 1907 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बाबूपट्टी गांव में हुआ था । श्रीवास्तव परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरिवंश को बचपन में बच्चन नाम से पुकारा जाता है । यही नाम उन्होंने अपने नाम के आगे जोड़ लिया । बच्चन की शुरुआती पढ़ाई उर्दू में हुई। फिर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में एम.ए. किया।
 
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amitabh - फोटो : social media
हरिवंश के बेटे अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता बनकर उभरे। आज भी बिग बी अपने पिता को कई मौकों पर याद करते हैं। बिग बी अक्सर अपने पिता की कविताएं सुनाते रहते हैं । इस खास दिन पर हम आपको हरिवंश और अमिताभ की कुछ अनदेखी तस्वीरें दिखाते हैं । 
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amitabh - फोटो : social media
अमिताभ बच्चन ने अपने पिता से जुड़ा एक किस्सा बताया था । ये बात तब की है जब बिग बी को फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान चोट लग गई थी । अमिताभ जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे । 2 महीने बाद वो अस्पताल से घर आए थे । जब अमिताभ घर आए तो उन्होंने अपने पिता के पैर छुए । 

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amitabh - फोटो : social media
बेटे को देख हरिवंश की आंखों में आंसू आ गए । तब अमिताभ ने कहा था, 'वो पहली बार था जब मैंने अपने पिता को रोते हुए देखा था ।' अमिताभ ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर पिता के साथ तस्वीर शेयर कर इस बात का जिक्र किया था । आइए जानते हैं हरिवंश राय बच्चन कैसे बने महान कवि...
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amitabh - फोटो : social media
हरिवंश राय बच्चन कई सालों तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में प्राध्यापक रहे । उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अंग्रेजी के कवि डब्लू बी यीट्स की कविताओं पर शोध कर पीएचडी पूरी की थी । वह आकाशवाणी से जुड़े रहे और एक हिंदी विशेषज्ञ के रूप में विदेश मंत्रालय के साथ भी काम किया । 
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amitabh - फोटो : social media
1935 में छपी 'मधुशाला' के लिए बच्चन साहब को आज भी याद किया जाता है । 'मधुशाला' हरिवंश जी की उन रचनाओं में से है जिसने उनको साहित्य जगत में एक अलग पहचान दिलाई । 'मधुशाला' के बाद उन्होंने 'मधुबाला'  और 'मधुकलश' की भी रचना की । इसके अलावा उन्होंने 4 आत्मकथा भी लिखी थी । 
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amitabh - फोटो : social media
उनकी रचना 'दो चट्टानें' को 1968 में हिन्दी कविता का साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । इसी साल उन्हें सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार और एफ्रो एशियाई सम्मेलन के कमल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया । बच्चन को भारत सरकार द्वारा 1976 में साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था ।
 

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