Hariprasad Chaurasia
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अब नहीं भाता फिल्मों के लिए संगीत बनाना
हरिप्रसाद चौरसिया को आधुनिक फिल्मों में काम करना पसंद नही है। उनका मानना है कि आधुनिक फिल्मों में शास्त्रीय संगीत को ज्यादा मान्यता नहीं दी जाती। हरिप्रसाद चौरसिया के लिए फिल्मों के लिए काम करना कभी प्राथमिकता था भी नहीं। एक इंटरव्यू में हरिप्रसाद चौरसिया कहते हैं, "अब उस तरह की फिल्में कहां बन रही हैं? अनारकली, मुगल-ए-आजम, बैजू बावरा अब कहां बनती हैं? हमारे लिए फिल्म संगीत कभी प्राथमिकता नहीं था। हमने फिल्मों का संगीत तभी किया जब शास्त्रीय कार्यक्रमों से समय मिलता था। दोनों के बीच हमेशा संतुलन बनाए रखा। आज जैसी फिल्मों में काम करके क्यों हम नाम खराब करें?”