एम. बालामुरलीकृष्ण
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उन्होंने चार दशकों तक अपने संगीत से श्रोताओं को लुभाया। संगीत क्षेत्र की बेहद सम्मानित हस्ती बालमुरलीकृष्ण राष्ट्रीय एकता को समर्पित प्रसिद्ध गाने 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' में दिखे थे, जिसमें उन्होंने तमिल में कुछ पंक्तियां गायी थीं। वर्ष 1965 में आई शिवाजी गणेशन अभिनीत 'तिरूविलयादल' का उनका गाना 'ओरू नाल पोथुमा' तमिल श्रोताओं में बेहद लोकप्रिय हुआ था। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया था। वह भारत के तीनों पद्म पुरस्कार- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किए गए थे। 22 नवंबर 2016 को बीमारी के कारण बालमुरलीकृष्ण का निधन हो गया और वह सदा के लिए इस दुनिया से चले गए। मगर, संगीत के क्षेत्र में उन्होंने जो योगदान दिया, उसके लिए वह हमेशा याद रखे जाएंगे।