फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस हीरोइन के प्यार में सब कुछ गंवा बैठे थे गुरु दत्त, सदमे में आकर छोटी उम्र में उठाया था बड़ा कदम

Tue, 10 Oct 2017 01:19 PM IST
amarujala.com- Written by :भावना शर्मा
विज्ञापन
1 of 12
गुरुदत्त
हिंदी सिनेमा के लेजेंड गुरुदत्त ने आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कह दिया था। गुरुदत्त की पुण्यतिथि पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ बेहद रोचक किस्से। 9 जुलाई को बेंगलुरु के शिवशंकर राव पादुकोण और वसंती पादुकोण के घर में उनका जन्म हुआ था। गुरुदत्त के बचपन का नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। लेकिन बंगाली संस्कृति के प्रति उनका लगाव इतना बढ़ा कि उन्होंने अपना नाम बदलकर गुरुदत्त रख लिया था।
विज्ञापन

2 of 12
guru dutt
गुरुदत्त ने अपने करियर में तो खूब नाम कमाया। लेकिन उनकी जिंदगी में भी काफी उठा-पटक रही। उन्हें प्यार में धोखा मिला। फिर उन्होंने शराब, सिगरेट और नींद की गोली को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बना लिया। ‌सिर्फ 39 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने खुदकुशी कर ली थी। आइए जानते हैं गुरुदत्त को अपनी इस छोटी सी उम्र में क्या कुछ सहना पड़ा था। 

पढ़ें- साउथ की फेमस एक्ट्रेस थीं रेखा कीं मां, बिन ब्याही मां बनने के बाद खत्म हो गया था करियर
विज्ञापन

3 of 12
गुरु दत्त
गुरुदत्त जब फिल्म 'बागी' बना रहे थे तो सेट पर ही उनकी मुलाकात सिंगर गीत दत्त रॉय से हुई। वो उस समय की मशहूर प्लेबैक सिंगर में से एक थीं। गुरुदत्त को उनसे इश्क हो गया। फिर क्या था कुछ समय चले अफेयर के बाद दोनों ने शादी कर ली। दोनों के तीन बच्चे भी हुए। गुरुदत्त की बनाई फिल्में हिट हो रही थीं। अब बारी आई फिल्म ‘सीआईडी’ की।

पढ़ें- सपना चौधरी के मंगलसूत्र और सिंदूर का खुल गया राज, फैंस के लिए गुडन्यूज

4 of 12
guru dutt
इस फिल्म के लिए उन्हें एक नए चेहरे की तलाश थी। गीता और गुरुदत्त दोनों हैदराबाद में एक फिल्म समारोह में पहुंचे थे। वहां उनकी नजर वहीदा रहमान पर जाकर रुक गई। उस समय वह तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम किया करती थीं। गुरुदत्त और गीता दोनों वहीदा रहमान के पास गए और उनका नाम पूछा। उन्होंने का कहा, 'मेरा नाम वहीदा है।'
विज्ञापन

5 of 12
guru dutt
नाम सुनकर गुरुदत्त बोले, “तुम मुस्लिम हो, फिर तो तुम्हें उर्दू और हिंदी दोनों आती होगी। इस पर उन्होंने कहा “हां बहुत अच्छे से आती है”। फिर गुरुदत्त तपाक से बोल पड़े, हिंदी फिल्मों में काम करोगी?? इस पर वहीदा बोलीं, 'मैं शुरू से ही हिंदी फिल्मों में काम करना चाहती थी, लेकिन अभी तक कोई ऑफर नहीं मिला था इसलिए मजबूरी में तमिल फिल्में करनी शुरू कर दी।'
विज्ञापन

6 of 12
guru dutt
वहीदा रहमान से बिना कुछ बोले गुरु दत्त और गीता दत्त मुंबई वापस आ गए थे। इस मुलाकात के तीन महीने बाद गुरुदत्त ने अपने एक दोस्त को वहीदा के पास हैदराबाद भेजा। वहीदा को ‘सीआईडी’ के स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया था। यही वहीदा की पहली हिंदी फिल्म थी। उन्होंने इस फिल्म में केमियो रोल किया था। वहीदा रहमान और गुरुदत्त की मुलाकातें इस फिल्‍म के बाद बढ़ गई थीं।
विज्ञापन

7 of 12
guru dutt
फिल्म ‘प्यासा’ के लिए उन्होंने वहीदा को साइन किया। खबर थी कि गुरुदत्त पहले इस फिल्म के लिए दिलीप कुमार को लेना चाहते थे लेकिन अचानक उन्होंने मन बदल लिया। उन्होंने खुद ही इस फिल्म में लीड रोल करने का फैसला किया। चर्चा तो ये भी थी कि फीमेल लीड के लिए गुरुदत्त मधुबाला और नर्गिस को लेने के बारे में विचार कर रहे थे। इस फिल्म में गुरुदत्त और वहीदा की केमिस्ट्री कमाल की थी।

8 of 12
गुरु दत्त
बेहतरीन संगीत और अभिनय की वजह से इस फिल्म ने बॉलीवुड में इतिहास रचा दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुदत्त की 'प्यासा' दुनिया में अब तक बनी टॉप 100 फिल्मों में से एक है। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। इसके बाद तो वहीदा और गुरुदत्त हर फिल्म में लीड पेयर के तौर पर नजर आने लगे। इसी के साथ दोनों के अफेयर की खबरें लगातार बढ़ती चली गईं।

9 of 12
guru dutt
जब पत्नी गीता तक ये बात पहुंची तो उन्होंने हमेशा के लिए गुरुदत्त का घर छोड़ दिया। फिर वो लौटकर कभी नहीं आईं। जब वहीदा को इस बात का अहसास हुआ कि उनकी वजह से गुरुदत्त का परिवार टूट रहा है तो उन्होंने ‘कागज़ के फूल’ के बाद उनके साथ कभी काम नहीं किया। वो भी गुरुदत्त से हमेशा के लिए दूर चली गईं। फिल्म ‘कागज़ के फूल’ के निर्देशन में गुरुदत्त ने दोस्तों के कई बार मना करने के बाद भी इसमें लाखों रुपए लगाए थे।

10 of 12
guru dutt
गुरुदत्त को भरोसा था कि ये फिल्म भी सुपर हिट होगी। लेकिन जब फिल्म परदे पर आई तो दर्शकों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर गुरुदत्त इस फिल्म के माध्यम से क्या कहना चाहते थे। इसी वजह से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। कहा जाता है कि फिल्म ‘कागज के फूल’ गुरुदत्त के असल जीवन पर आधारित थी। इस सदमे को गुरुदत्त सहन नहीं कर पाए और उन्होंने निर्देशन करना छोड़ दिया।

11 of 12
गुरु दत्त
फिल्म फ्लॉप होने के बाद गुरुदत्त को बहुत बड़ा नुकसान हुआ था। इसलिए वो फिल्मों में अभिनय और सह निर्देशक के तौर पर काम करते रहे। उन्होंने फिल्म ‘साहेब बीवी और गुलाम’ का सह-निर्देशन भी किया। पत्नी गीता के घर छोड़ने और फिल्म फ्लॉप होने की वजह से गुरुदत्त डिप्रेशन में चले गए। इससे बाहर आने के लिए उन्होंने शराब, सिगरेट और नींद की गोलियों का सहारा लेना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन

12 of 12
गुरु दत्त
कहा जाता है कि खुदकुशी से पहले गुरुदत्त अपनी बीवी- बच्चों से मिलना चाहते थे। उन दिनों गीता आशा भोसले के घर पर रहा करती थीं इसलिए उन्होंने देर रात आशा भोसले के घर पर कॉल की। लेकिन पत्नी ने बात करने से मना कर दिया था। आशा भोसले ने कहा था कि वो घर पर नहीं है। । यह सुनकर गुरुदत्त को बहुत बुरा लगा था। इसी वजह से उन्होंने नींद की गोलियां ज्यादा मात्रा में ले ली थी और शाम 5:30 बजे से लगातार शराब पी रहे थे। जिससे उनका देहांत हो गया। कहा जाता है कि ये उनकी खुदकुशी की तीसरी कोशिश थी। इससे पहले भी वो दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुके थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें