गुलजार ने कहा, 'फैज साहब एशिया के सबसे बड़े शायरों में से एक हैं। वो टाइम्स ऑफ पाकिस्तान के एडिटर रह चुके हैं, कम्युनिस्ट पार्टी के लीडर रह चुके हैं। उस स्तर के शायर, जो प्रोगेसिव मूवमेंट के संस्थापक भी रहे, उस आदमी को महजब के आधार पर इस तरह का इल्जाम देना मुनासिब नहीं लगता। ये मतलब उन लोगों के लिए गलत है, जो ऐसा कर रहे हैं।'