'आदमी बुलबुला है पानी का
और पानी की बहती सतह पर
टूटता भी है, डूबता भी है,
फिर उभरता भी है,
फिर से बहता है।'
इस तरह की शानदार नज्मों से लोगों की जिंदगी को 'गुलजार' करने वाले गुलजार साहब की ख्याति भी उनका नाम की तरह ही देश में फैली हुई है। बॉलीवुड के मशहूर कवि, लेखक, गीतकार, स्क्रीनराइटर और निर्देशक गुलजार साहब आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। गुलजार साहब का एहसासों और जिंदगी के हर पहलू को अपनी कलम से मोतियों की तरह कविताओं में पिरोने का अंदाज सबसे जुदा है और यह हमें कहने पर मजबूर करता है कि उनके जैसा शायद ही दूसरा कोई हो। कलम के साथ-साथ निर्देशन के जरिए भी गुलजार ने सिनेमा इंडस्ट्री को अपना कायल बनाया है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगा कि आज भारतीय सिनेमा की शान की तरह देखे जाने वाले गुलजार साहब का पाकिस्तान से बहुत गहरा नाता रहा है। चलिए आज उनके 89वें जन्मदिन के मौके पर बताते हैं उनसे जुड़ी खास बातें..