70 का दशक...ये वो दौर था जब एक उभरती हुई गायिका फिल्म इंडस्ट्री में अपने कदम जमाने में लगी थी। उस वक्त लता मंगेशकर से लेकर आशा भौंसले, अल्का यागनिक जैसी कई गायिकाएं थी जो पहले ही गायन के क्षेत्र में सफलता के झंडे गाढ़ रही थीं, लेकिन एक सिंगर ऐसी रही जिसने इन सभी को कांटे की टक्कर दी और इसी सिंगर को गुलशन कुमार दूसरी लता मंगेशकर बनाना चाहते थे।
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गुलशन कुमार
ये गायिका थीं अनुराधा पौडवाल, जिन्हें लोग गुलशन कुमार और टी-सीरीज की खोज के नाम से भी जानते हैं। अनुराधा पौडवाल ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत 1973 में आई अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी स्टारर फिल्म 'अभिमान' से की लेकिन उन्हें पहला बड़ा ब्रेक 1976 में आई सुभाष घई की फिल्म 'कालीचरन' से मिला। इसके बाद अनुराधा ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
एक बाद एक वो राजेश रोशन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, कल्याणजी-आनंदजी और जयदेव जैसे संगीतकारों के साथ काम करती जा रहीं थीं और हिट गानों के जरिए सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही थीं।
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bollywood flashback anuradha paudwal
हालांकि इस दौरान लता मंगेशकर और आशा भौंसले के साथ उनके विवाद की भी कई खबरें रहीं जिसकी वजह से वो खुद भी दूसरे संगीतकारों के राडार पर आ गईं। उस दौर में गुलशन कुमार की म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज सबसे बड़ी कंपनी थी और हर कोई उसके साथ काम भी करना चाहता था। अनुराधा पौडवाल ने भी अपने करियर को और नए आयाम देने के लिए गुलशन कुमार के साथ हाथ मिला लिया और उनके लिए गाने लगीं।
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अनुराधा पौडवाल, गुलशन कुमार
सफलता ने अनुराधा के ऐसे कदम चूमे कि 'आशिकी', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'बेटा' जैसी फिल्मों के लिए उन्हें लगातार तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड दिए गए। इस दौरान अनुराधा गुलशन कुमार की भी पसंदीदा गायिका बन गईं। हर जगह और हर मामले में वो अनुराधा पौडवाल को सपोर्ट करने लगे जिससे इंडस्ट्री में ऐसी खबरों ने आग पकड़ी कि गुलशन कुमार और अनुराधा के बीच कुछ पक रहा है। हालांकि इस पर किसी ने भी खुलकर कुछ नहीं कहा।
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अनुराधा पौडवाल, गुलशन कुमार
- फोटो : self
अनुराधा उसी तरह गाने गाती रहीं और आगे बढ़ती रहीं। जिसे रफ्तार से वो आगे बढ़ रहीं थीं उससे लग रहा था कि लता मंगेशकर का दौर खत्म सा हो गया है। खुद कंपोजर ओपी नायर ने भी कह दिया था कि लता का दौर अब खत्म हो चुका है, अनुराधा ने उन्हें रीप्लेस कर दिया है। लेकिन इससे भी बड़ी बात खुद गुलशन कुमार ने कही थी।
गुलशन कुमार ने अनुराधा पौडवाल से कहा कि वो उन्हें दूसरी लता मंगेशकर बनाएंगे। इसके बाद उन्होंने उसी दिशा में काम करना शुरु कर दिया। और फिर अचानक एक दिन अनुराधा पौडवाल ने ये कहकर सभी को चौंका दिया कि अब वो सिर्फ और सिर्फ टी-सीरीज के लिए ही गाने गाएंगी।
अनुराधा के इस फैसले से लोगों को लगने लगा कि वाकई गुलशन कुमार और अनुराधा पौडवाल के बीच अफेयर की खबरें झूठीं नहीं हैं। बेशक गुलशन कुमार की वजह से अनुराधा ने सिर्फ और सिर्फ टी-सीरीज के लिए गाने का फैसला लिया हो लेकिन इससे उन्होंने अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मार ली क्योंकि इसके बाद टी-सीरीज से बाहर के सभी गाने अल्का याग्निक और बाकी गायिकाओं को मिल गए जबकि अनुराधा ने भजन और आरती गानी शुरु कर दीं।
इसकी वजह से अनुराधा का करियर डूब गया और कई सालों तक उन्होंने किसी फिल्म या म्यूजिक कंपनी के लिए नहीं गाया।