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Gulshan Devaiah Exclusive: भंसाली के साथ काम करके आपका दिमाग पक जाएगा, जानिए क्यों ऐसा कहा गुलशन देवैया ने

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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
देखने से लगता नहीं कि अभिनेता गुलशन देवैया 45 साल के हो गए। कदम दर कदम बढ़ते हुए गुलशन ने अदाकारी के बगीचे में एक नई बयार दर्शकों को महसूस कराई है। हालिया रिलीज फिल्म '8 AM मेट्रो' और वेब सीरीज 'दहाड़' में उनके अभिनय दर्शकों का ध्यान खींचा है। वेब सीरीज 'दहाड़' की शूटिंग गुलशन देवैया ने तब की थी जब वह फिल्म 'बधाई दो' की शूटिंग कर रहे थे। 28 मई 1978 को बेंगलुरु में जन्मे गुलशन देवैया का आज जन्मदिन है। इस मौके पर अमर उजाला ने उनसे ये खास बातचीत की।
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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
शुरू से शुरू करते हैं, गुलशन। अनुराग कश्यप की फिल्म में पहला ब्रेक कैसे मिला?
ये फिल्म ‘दैट गर्ल इन येलो बूट्स’ है और इसकी कहानी अनुराग कश्यप और कल्कि केकलां ने मिलकर लिखी। कल्कि को मैं पहले से जानता था। एक दिन उनका फोन आया तो उस वक्त मैं एक ऑडिशन देने के बाद वर्सोवा की गलियों मे घूम रहा था। मन खट्टा था क्योंकि मेरा ऑडिशन खराब गया था। बिना कुछ ज्यादा पूछे मैं चला गया। वहां अनुराग कश्यप मिले, उन्होंने एक दृश्य समझाया और कहा कि जब ऑडिशन के लिए तैयार हो तो बता देना। तीन-चार दिन बाद मैंने ऑडिशन दिया। अनुराग को पसंद आया और मुझे फाइनल कर लिया गया। 

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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नसीरुद्दीन शाह भी तो हैं इस फिल्म में, उनके साथ का कोई संस्मरण?
फिल्म मे मेरा उनके साथ कोई सीन नहीं था लेकिन एक वाक्या बताता हूं । उन दिनों फिल्म 'डर्टी पिक्चर' हिट हुई थी और एक दोस्त के साथ मैं इसकी सक्सेस पार्टी में चला गया । वहां नसीर साहब मिल गए। मैंने उन्हें बताया कि मैंने आपकी फिल्म मे काम किया है। उन्होंने फिल्म का नाम और मेरे किरदार क बारे में पूछा। जैसे ही मैंने किरदार का हवाला दिया वह उठकर खड़े हो गए और बोले अरे, तुम! फिर सबके सामने उन्होंने मेरी खूब तारीफ की।

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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कभी ऐसा भी हुआ कि ऑडिशन खराब हुआ लेकिन फिल्म फिर भी मिल गई?
ऐसा रोहन सिप्पी की फिल्म 'दम मारो दम' के दौरान हुआ। बहुत खराब ऑडिशन था। मैंने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी कि इस फिल्म में काम मिलेगा। लेकिन, एक दिन रोहन सिप्पी के ऑफिस से फोन आया। मुझे रिक्की परेरा का रोल ऑफर किया गया। मैंने रोहन से कहा भी कि मेरा ऑडिशन तो बहुत खराब था। लेकिन, शायद उन्हें कुछ तो दिखा होगा। फिर मैं हफ्ते भर उनकी वर्कशॉप में गया। अभी 13 साल बाद दोबारा उनके साथ वेब सीरीज 'दुरंगा' मे काम किया ।
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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'शैतान' में आपने करन चौधरी का किरदार निभाया है, लेकिन इस फिल्म में आपका एक किरदार और भी है, ये क्या मामला है?
यह तो बहुत बारीक चीज पकड़ ली आपने। 'शैतान' के लिए मैं एक दिन पहले राजीव खंडेलवाल वाले रोल की शूटिंग कर चुका था। लेकिन, दही हंडी वाले सीन मे वह फुटेज अब भी दिखता है। राज कुमार राव वाले कई सीन में राजीव नहीं, मैं हूं। लेकिन, फिल्म की शूटिंग का क्या हो रहा है कुछ पता नहीं चल रहा था। इसी बीच फिल्म करन चौधरी के किरदार के लिए अनुराग और कल्कि ने मेरे नाम का सुझाव दिया। निर्देशक बिजॉन नांबियार ने पहले तो मना कर दिया। लेकिन बाद में अनुराग के दोबारा कहने पर उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया। मैंने कल्कि के साथ कुछ सीन किए और मुझे ये रोल मिल गया।
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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'हेट स्टोरी' और 'जुनूनियत' में काम करने के बावजूद निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की हिट फिल्म 'कश्मीर फाइल्स' में आप नहीं दिखे, इसकी क्या वजह हो सकती है?
'हेट स्टोरी' के लिए पहले मुझे निखिल द्विवेदी वाला रोल ऑफर हुआ था। लेकिन मुझे लग रहा था कि मुझे ये रोल नहीं बल्कि दूसरा वाला रोल करना चाहिए। एक दिन विवेक जी का फोन आया और ऑफिस में बुलाकर कहा कि तुम्हारे विलेन का रोल सही रहेगा। ये रोल करने के बाद मैंने उनकी फिल्म 'जुनूनियत' में भी एक छोटा सा रोल किया। अब उतना मिलना जुलना नहीं हो पाता है। ‘कश्मीर फाइल्स’ के लिए न तो मैंने कोशिश की और न ही उनकी तरफ से कोई प्रस्ताव ही आया।
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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

संजय लीला भंसाली के साथ 'गोलियों की रासलीला रामलीला' में काम करने का कैसा अनुभव रहा? 

अगर आपके अंदर धैर्य नहीं है, तो उनके साथ काम करके आपका दिमाग पक जाएगा। वह अपने काम को बहुत ही गंभीरता से लेते हैं और काम के प्रति बहुत ही समर्पित रहते है। समर्पण की यही भावना वह दूसरों से भी चाहते हैं, लेकिन दूसरों के लिए यह संभव नहीं होता है। इसकी वजह से थोड़ा संतुलन बिगड़ जाता है। लोग थोड़ा उनसे डरते भी हैं, लेकिन मैं हिम्मत करके उनसे बात करता था और अक्सर मॉनिटर के पास घंटों बैठकर उनके काम करने का तरीका देखता रहता था। लोग डर कर उनसे बात नहीं करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को उनके साथ काम करने में मजा नहीं आता। मैं तो निडर होकर उनसे बात करता था, उनको मेरी यह आदत बहुत अच्छी लगती थी। 

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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और, रणवीर व दीपिका...
रणवीर सिंह के मैंने एक वर्क शॉप की थी। थोड़ी बहुत हमारी जान पहचान 'रामलीला' की शूटिंग के दौरान हुई थी। उन दिनों उनकी फिल्म 'लुटेरा ' रिलीज हुई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चली नहीं थी तो उनका मूड उखड़ा सा रहता था। लेकिन, एक बार 'रामलीला' की शूटिंग शुरू हुई तो वह जोश में आ गए। किरदार उनकी शख्सीयत जैसा ही था। दीपिका से बेंगलुरु में कभी मुलाकात नहीं हुई। मुंबई में ही मिला। पहले तो दीपिका से बात करने से हिचकिचाता था। शायद तब मेरे अंदर उतना आत्मविश्वास नहीं था। हां, अपनी शादी में उन्होंने मुझे बुलाया था। 
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गुलशन देवैया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'शैतान' के बाद आप राजकुमार राव के साथ 'बधाई दो' में नजर आए..
'बधाई दो' के निर्देशक हर्षवर्धन कुलकर्णी के साथ मैं फिल्म 'हंटर' में काम कर चुका था। 'बधाई दो' में मैं राजकुमार राव से मैं रोमांस करूंगा, ये जानकर ही मैं उत्साहित हो गया। हर्षवर्धन ने मुझे ये किरदार बहुत ही संकोच के साथ ऑफर कियाथा। उस दिनों मैं रीमा कागती के साथ 'दहाड़' की शूटिंग कर रहा था।  किसी तरह शूटिंग के लिए तारीखें निकालकर मैंने 'बधाई दो' की शूटिंग चार दिन में पूरी की। काटपीट के बाद भले इस फिल्म में मेरा रोल छह मिनट का ही बचा हो, लेकिन उसका कहानी में अपना एक अलग इम्पैक्ट है। राजकुमार के साथ मैंने एक और फिल्म 'गन्स एंड  गुलाब' में भी काम किया है।

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