गुल पनाग
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उन्होंने कहा, 'लोहड़ी पर सपरिवार हो इसकी आशा करते हुए कहा कि सब कुछ सरकार के फैसले पर निर्भर करता है। सभी चाहते हैं कि वे अपने घर वापस जाएं और अपने परिवार के साथ रहें लेकिन उन्होंने अपने परिवार को अलग रखा है। वे यहां होने की बजाय अपने घरों में होते। लोहड़ी पंजाबियों का बहुत खास त्यौहार है।
ऐसे में ये सवाल उठता है कि आंदोलन के 40 दिन गुजरने और 50 मौतें होने के बावजूद वे यहां हैं, और कोई समाधान अब तक क्यों नहीं है। '