प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए उत्तर भारत की अग्रणी कंपनी ग्राफिसऐड ने एक फिल्म बनाने का एलान किया है। फिल्म का मुहूर्त हाल ही में फिल्म सिटी, नोएडा में संपन्न हुआ। ‘ग्रेजुएट फरजाना’ दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार की लड़की की प्रेरक कहानी है।
विज्ञापन
2 of 6
ग्रेजुएट फरजाना
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘ग्रेजुएट फरजाना’ का उद्देश्य लड़कियों को सशक्त बनाने के संदेश को बढ़ावा देना है। फिल्म में 18 वर्षीय फरजाना न केवल आश्चर्यजनक रूप से अपने परिवार को अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के लिए मनाती है बल्कि एक उद्यमी बनकर अपने परिवार की वित्तीय जिम्मेदारियां भी उठाती है। फिल्म का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दृष्टिकोण के साथ अच्छी तरह मेल खाता है कि लड़कियों की भागीदारी से ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
विज्ञापन
3 of 6
ग्रेजुएट फरजाना
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इस अवसर पर ग्राफिसऐड कंपनी के सीएमडी एडगुरू मुकेश गुप्ता ने बताया कि यह फिल्म समाज में लड़कियों की स्थिति को बेहतर बनाने का संदेश देती है। आज के आधुनिक युग में यह फिल्म यह दर्शाती है कि लड़कियां भी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भरपूर योगदान देने की क्षमता रखती हैं। इस मौके पर मौजूद मशहूर पंजाबी गायक मलकीत सिंह ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह की कहानियों की बहुत जरूरत है। ऐसी कहानियां समाज में दिशा-प्रेरक होती हैं।
4 of 6
ग्रेजुएट फरजाना
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘ग्रेजुएट फरजाना’ के मुहूर्त पर मौजूद जाने माने शायर पॉपुलर मेरठी ने कहा कि फिल्म मुस्लिम समाज की सोच, समाज में व्याप्त विषमताओं को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जी के मिशन ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ को फिल्म की बुनियाद बनाया गया है।
विज्ञापन
5 of 6
ग्रेजुएट फरजाना
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
रवि सरीन फिल्म इंस्टीट्यूट के फाउंडर रवि सरीन व दिपाली सरीन का भी इस फिल्म में बहुत योगदान है। उनके ही इंस्टीट्यूट से फिल्म के दो मुख्य कलाकारों का चयन किया गया है। दिपाली सरीन ने इस मौके पर बताया, “हमें खुशी है कि हमारे इंस्टीट्यूट से दो प्रतिभाशाली विद्यार्थियों कशिश चौधरी और अजरा खान का फिल्म ‘ग्रेजुएट फरजाना’ के लिए चयन किया गया है। रवि सरीन उत्तर भारत के जाने माने लाइन प्रोड्यूसर भी हैं।
इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक इरशाद दिल्लीवाला ने बताया कि यह फिल्म वर्तमान मुस्लिम परिवेश में लड़कियों की स्थिती और उनकी सोच को उजागर करती है। उल्लेखनीय है कि इरशाद दिल्लीवाला ने ही इस फिल्म की पटकथा भी लिखी है। ‘ग्रेजुएट फरज़ाना’ के निर्माता को अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। वह कहते हैं, पिछले एक साल की अथक प्रयास के बाद हमने हर क्षेत्र से मंझे हुए प्रतिभा को चुनकर एक टीम का रूप दिया है।