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गिरीश कर्नाड के अंतिम संस्कार में छलक आए आंसू, नहीं पहुंचा कोई बॉलीवुड सेलेब्रिटी

Tue, 11 Jun 2019 08:23 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Girish Karnad - फोटो : social media
एक्टर, डायरेक्टर और राइटर गिरीश रघुनाथ कर्नाड का 81 की उम्र में निधन हो गया। गिरीश लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार दोपहर 2 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। 
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Girish Karnad - फोटो : social media
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरीश कर्नाड का अंतिम संस्कार बेहद साधारण तरीके से किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जमा रही। इस दौरान वहां कोई वीआईपी और फिल्मी हस्ती नजर नहीं आई।
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Girish Karnad - फोटो : social media
गिरीश कर्नाड ने अपने बेटे से कहा था कि उनके अंतिम यात्रा को बहुत बड़ी न हो। इसमें कोई भी बड़ी और वीआईपी हस्ती शामिल न हो। इसी के चलते वहां कोई आला अधिकारी मौजूद नहीं था। उनकी अंतिम यात्रा में बस उनके परिवार और कुछ करीबी लोग ही मौजूद रहे। उनके शव को इलैक्ट्रिक शवदाहगृह में पहुंचाया गया। 

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Girish Karnad - फोटो : social media
गिरीश शुरुआत से ही थिएटर में काम करते थे । गिरीश कर्नाड को 1978 में रिलीज हुई फिल्म 'भूमिका' के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था। उन्हें 1998 में साहित्य के प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ अवॉर्ड से नवाजा गया था। गिरीश कर्नाड को कर्मशिल सिनेमा में काम करने के लिए भी जाना जाता है। गिरीश ने 1970 में कन्नड़ फिल्म 'संस्कार' से अपना एक्टिंग और स्क्रीन राइटिंग डेब्यू किया था। इस फिल्म ने कन्नड़ सिनेमा का पहला प्रेजिडेंट गोल्डन लोटस अवार्ड जीता था।
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girish karnad - फोटो : social media
बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म 1974 में आई 'जादू का शंख' थी। गिरीश ने बॉलीवुड फिल्म निशांत (1975), शिवाय और चॉक एन डस्टर में भी काम किया था। गिरीश का जन्म एक कोंकणी परिवार में हुआ था । कर्नाड ने 1958 में धारवाड़ स्थित कर्नाटक विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया । इसके बाद वे एक रोड्स स्कॉलर के रूप में इंग्लैंड चले गए । वे शिकागो विश्वविद्यालय के फुलब्राइट महाविद्यालय में विज़िटिंग प्रोफेसर भी रहे ।
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