अक्षय ओबेरॉय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जब आप मुंबई आए तो राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म 'इसी लाइफ में' में मौका कैसे मिला?
मैं अमेरिका से साल 2008 में मुंबई आया, तो मुझे अक्सर यही लगता है कि कहां से कहां पहुंच गया। जब मैं अमेरिका से मुंबई आया तो यहां किसी को जानता तो था नहीं, अमेरिका में मैं थियेटर करता था। थियेटर के बारे में मुझे पता था,तो पृथ्वी थियेटर मकरंद देशपांडे से मिलने पहुंच गया। उन्होंने मुझे एक नाटक 'मिस ब्यूटीफुल' में काम दिया था। उस नाटक को राजश्री प्रोडक्शंस के मैनेजर पीके गुप्ता ने देखा था। उन्होंने ऑफिस में बुलाया, वहां फिर सूरज बड़जात्या से मुलाकात हुई। 'इसी लाइफ में' के लिए मेरे कई बार ऑडिशन हुए, उसके बाद मैं सिलेक्ट हुआ। उस समय तो मुझे ऐसा ही लगता था कि आने वाले समय का मैं सलमान खान हूं। राजश्री प्रोडक्शन मुझे सलमान खान की तरह लांच कर रहा है। लेकिन फिल्म नहीं चली। उसके बाद मुझे 'पिज्जा', 'पीकू', 'गुड़गांव' जैसी फिल्मों में काम मिलने शुरू हो गए। अब तो ओटीटी प्लेटफार्म आ गया है, उस पर लगातार काम कर रहा हूं।