मशहूर मॉडल जेसिका लाल की बहन सब्रिना लाल ने जेसिका के आरोपी मनु शर्मा को लेकर करीब 19 साल बाद बड़ा फैसला किया है। पता हो कि मनु शर्मा जेसिका के मर्डर के आरोप में तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट करे हैं। इस बीच जेसिका की बहन सब्रिना ने अब कहा है- 'अगर मनु शर्मा जेल से छूट जाते हैं तो मुझे कोई फर्क नहीं पडे़गा। मैं इन सब चीजों से आगे निकल चुकी हूं।'
जेसिका लाल केस इतना चर्चित रहा है कि इस कांड पर फिल्म निर्देशक राज कुमार गुप्ता ने फिल्म 'नो वन किल्ड जेसिका' तक बना डाली। केवल इस मर्डर मिस्ट्री पर ही नहीं फिल्ममेकर्स ने कई मर्डर मिस्ट्री को अपनी फिल्मों में बयां किया है। आइए जाते है बॉलीवुड की वह फिल्में जो बनी है रियल मर्डर मिस्ट्री पर......
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1. नो वन किल्ड जेसिका
यह फिल्म साल 2011 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म साल 1999 जेसिका लाल कांड पर आधारिक थी। कांग्रेस नेता विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा ने दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में रात 2 बजे जेसिका लाल को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस फिल्म में विद्या बालन और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में थीं।
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2. तलवार
फिल्म 'तलवार' साल 2015 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म साल 2008 नोएडा के डबल मर्डर केस पर आधारित थी। इस मर्डर केस में एक नौकर और 13 साल की लड़की आरुषि का मर्डर हो गया था। इस फिल्म में इरफान खान मुख्य भूमिका में थे।
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3. नोट ए लव स्टोरी
यह फिल्म काफी हाइप्रोफाइल केस नीरज ग्रोवर की मर्डर मिस्ट्री पर आधारित फिल्म है। नीरज ग्रोवर मर्डर केस साल 2008 में हुआ था। बालाजी टेलीफिल्मस के क्रिएटिव डायरेक्टर नीरज ग्रोवर की गर्लफ्रेंड और अभिनेत्री मारिया सुसायराज ने अपने ब्वॉयफ्रेंड जैरोम मैथ्यु के साथ मिलकर नीरज ग्रोवर का मर्डर कर दिया। इतना ही नहीं मारिया और जैरोम मैथ्यु ने नीरज के शव के टूकड़े करके जला भी दिए थे।
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4. अंकुर अरोड़ा मर्डर केस
यह फिल्म भी सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। यह फिल्म 8 साल के बच्चे पर आधारित फिल्म है जो डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ऑपरेशन के दौरान मर जाता है। इतना ही नहीं घटना की खुलासा तब होता है जब सहयोगी डॉक्टरों में से एक मृतक बच्चे की मां को सारी बात बताता है। यह फिल्म साल 2013 में रिलीज हुई थी।
यह फिल्म इंडियन ऑयल कारपोरेशन के सेल्स मैनेजर के मर्डर केस पर आधारित फिल्म है। यह फिल्म साल 2014 में रिलीज हुई थी। बताया जाता है कि आईआईएम, लखनऊ से पढ़ाई करने वाले शणमुघम मंजुनाथ इंडियन ऑयल कारपोरेशन में सेल्स मैनेजर थे। मिलावट के चलते यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के एक पेट्रोल पंप को उन्होंने महीनों तक सील रखा। पंप दुबारा खुलने के एक महीने बाद मंजुनाथ वहां सरप्राइज रेड के लिए पहुंच गए। उसी रात नमूना लेने के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह मामला साल 2005 का है।