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'मनमर्जियां' पर मचा बवाल, तो अनुराग कश्यप ने लिखा खुला खत

Wed, 19 Sep 2018 04:35 PM IST
इंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला।
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manmarziyan
अनुराग कश्यप एक अलग अंदाज में अपने फिल्म को बनाने के लिए जाने जाते हैं। इनकी इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म का नाम जो आते ही विवादित हो गई है। जी हां, इस फिल्म कुछ दृश्यों पर सिख समुदाय ने आपत्ति जताई थी। ये आपत्ति सुप्रीम सिख संगठन की ओर से अधिवक्ता आदित्य शर्मा और हरप्रीत सिंह कांग ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 
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फिल्म में अभिनेता अभिषेक बच्चन सिख युवक की भूमिका में हैं, इस फिल्म में एक सीन आता है जब युवक शादी करने के बाद अपनी पगड़ी उतारकर सिगरेट पीने लगता है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (2) और 25 में वर्णित मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। जो धार्मिक भावनाएं आहत करती हैं इसलिए फिल्म पर रोक लगाई जाए। इसकी सूचना मिलने के बाद अनुराग कश्यप ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक मैसेज पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने दर्ज आपत्तियों पर अपना बयान जारी किया है।
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anurag kashyap
अनुराग ने लिखा- 
मैं भारत में नहीं हूं और मैंने फिल्म के स्मोकिंग सीन के बारे में सिख समुदाय की नाराजगी के बारे में पढ़ा। यह फिल्म किसी भी समुदाय विशेष पर टिप्पणी नहीं करती बल्कि यह खुद की निजी पसंद पर आधारित है। फिल्म बनाते समय हम लोगों ने हर कदम पर सिख समाज के लोगों से गाइडेंस ले रहे थे। जब हम गुरुद्वारे का सीन शूट कर रहे थे, तब हमें मना कर दिया गया था कि हम वहां नकली शादी शूट नहीं कर सकते, इसलिए हमने वहां एक्टर्स के सिर्फ माथा टेकने वाले शॉट को शूट किया। शूटिंग के दौरान किसी भी क्रू मेम्बर को स्मोकिंग करने की परमिशन नहीं थी।
 

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anurag kashyap
हमने स्मोकिंग सीन सड़क पर शूट किया था, उस वक्त वहां करीब 150 लोग मौजूद थे। सीन करने से पहले हमें बताया गया था कि घर से दूर सिर से पगड़ी हटानी होगी। यह हमने फिल्म में दिखाया भी है कि किस तरह रॉबी दोनों हाथों से पगड़ी उतारकर अपने कजिन को देता है। इस 150 लोगों की भीड़ में ज्यादा लोग सिख ही थे। उन्होंने हमें जो बताया, जो हमने देखा और डिस्कस किया और फिर शूट किया था। हमारा उद्देश्य किसी कम्युनिटी की भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था। हम ऐसा करेंगे भी क्यों, जबकि हमें सबसे ज्यादा प्यार उनसे मिलता है। अमृतसर ने तो हमारे लिए अपने दिलों और घरों के दरवाजे खोल दिए थे।
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Anurag Kashyap
कोई भी चीज बिना गाइडेंस के शूट नहीं की गई है। हम चीजों को वैसा ही दिखाना चाहते थे, जैसी वह हैं। कोई भी धर्म अपराध और अमानवीयता नहीं सिखाता है। फिर भी ये होता है, इसका मतलब यह नहीं कि धर्म विरोधी हैं। मनमर्जियां तीन अलग लोगों की कहानी है, उनके धर्म की नहीं। मैं माफी मांगता हूं अगर किसी को ठेस पहुंची है। लेकिन मैं रिक्वेस्ट करता हूं कि इसे राजनैतिक मुद्दा न बनाएं क्योंकि ऐसा नहीं है। मैंने हमेशा एजेंडा के बिना हर चीजों को दिखाया है। टेक्नोलॉजी हमें ऐसे सीन काटने की इजाजत नहीं देती है और ऐसा करने से कहानी भी प्रभावित होती है। तो मैं निश्चित ही अब ऐसा नहीं कर सकता।जिनको वास्तव में दुख पहुंचा, मैं उनसे माफी मांगता हूं, उन्हें दुखी करने का मेरा इरादा नहीं था। और जो लोग अटैंशन पाने के लिए कर रहे हैं, मुझे खुशी है कि आपको वह मिल गया होगा।
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