भारत में हुए आतंकी हमलों ने न केवल देश की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोरा, बल्कि मनोरंजन जगत पर भी गहरा प्रभाव डाला। खास तौर पर, जब बात पाकिस्तानी कलाकारों या गायकों की बॉलीवुड फिल्मों में भागीदारी की आती है तो आतंकी हमलों के बाद जनता और संगठनों का गुस्सा इन फिल्मों पर उतरता नजर आया है। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान की फिल्म ‘अबीर गुलाल’ पर बैन की मांग और विरोध इसका ताजा उदाहरण है। इस घटना ने एक बार फिर उन फिल्मों को चर्चा में ला दिया, जो 26/11 मुंबई हमले (2008), उरी हमले (2016), और पुलवामा हमले (2019) के बाद पाकिस्तानी कलाकारों की मौजूदगी के कारण विवादों में घिरीं और जिन पर बैन की मांग या विरोध हुआ। आइए, इन हमलों के बाद प्रभावित हुईं फिल्मों पर नजर डालते हैं।