फरहान अख्तर
उनका कहना था, 'कल्पना कीजिए उस 8 साल की बच्ची के दिमाग में क्या चल रहा होगा, जिसे नशे की हालत में बंधक बनाकर कई दिनों तक रेप किया और फिर हत्या कर दी। यदि आप उसे आतंकवाद नहीं मानते हैं तो आप इंसान नहीं हैं। यदि आप कठुआ की निर्भया के लिए न्याय की मांग नहीं करते हैं तो आप कुछ भी नहीं हैं ।'