हिन्दी सिनेमा के मशहूर लेखक, गीतकार और कवि जावेद अख्तर घूंघट और बुर्के को लेकर अपनी ट्वीट के कारण मुश्किल में हैं। अब उनके बेटे फरहान अख्तर ने उनका साथ देने की कोशिश की है। फरहान ने कहा है कि हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है और हिंसा किसी चीज का हल नहीं हैं।
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Farhan Akhtar
- फोटो : file photo
मुंबई में एक इवेंट में पहुंचे फरहान अख्तर ने मीडिया से सवाल-जवाब के दौरान अपने पिता जावेद अख्तर के विवादित बयान पर जवाब देते हुए कहा, "हर किसी को अपनी बात रखने का हक है। अगर उन्होंने कुछ कहा है तो यह उनके अपने विचार हैं जिनका मैं सम्मान करता हूं। मुझे लगता है उनके विचारों में अगर किसी को ऐतराज है तो वह वाजिब वजह के साथ ऐतराज भी जता सकता है। किसी भी तरह का हिंसा या धमकी ठीक नहीं है और न ही हिंसा किसी चीज का हल है।"
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javed akhtar
- फोटो : file photo
करणी सेना ने जावेद अख्तर बयान पर विरोध जताते हुए उन्हें मारने की धमकी दी है। महाराष्ट्र करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह सोलंकी ने वीडियो के जरिए जावेद अख्तर को मारने की धमकी दी थी। 45 सेकेंड के वीडियो में सोलंकी कह रहे हैं कि जावेद को अपनी मर्यादा समझनी चाहिए। सोलंकी ने कहा है कि राजस्थान जैसे राज्य की संस्कृति पर जावेद अख्तर उंगली ना उठाएं। या तो वो तीन दिन के अंदर अपने इस बयान के लिए माफी मांगें या फिर करणी सेना का विरोध सहने के लिए तैयार हो जाएं।
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Javed Akhtar, Shabana Azmi
- फोटो : instagram
उधर जावेद अख्तर ने अपने एक नए ट्वीट में कहा, 'कुछ लोग मेरे बयान को तोड़मरोड़कर पेश कर रहे हैं। मैंने कहा था कि शायद श्रीलंका में सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध किया गया है, लेकिन बुर्के या घूंघट को प्रतिबंधित करना महिला सशक्तीकरण के लिए जरूरी है।'
गीतकार जावेद अख्तर ने भोपाल में बीते गुरुवार को कहा था, 'देश में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार राजस्थान में मतदान से पहले घूंघट प्रथा पर भी प्रतिबंध लगाए।'