शायरी की कैफियत का जब-जब जिक्र होगा, कैफी आजमी का नाम आना लाजिमी है। वह अपने दौर के प्रगतिशील शायर और लेखकों में रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ प्यार, इश्क, दर्द, जुदाई और तकलीफों को अपने शब्द दिए, बल्कि सामाजिक मुद्दों को भी कलमबद्ध किया। उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों के लिए कई शानदार गाने लिखे, जो आज भी काफी पसंद किए जाते हैं। उनके लिखे गीत, 'ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं', 'मिलो न तुम तो हम घबराए', 'वक्त ने किया क्या हसीं सितम' जैसे गाने आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं। आज उनकी पुण्यतिथि है।