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किशोर दा: 30 साल बाद भी दिलों में जिंदा है आवाज, सबको उनपर नाज

Fri, 13 Oct 2017 07:22 AM IST
amarujala.com- Presented by: शारुख खान
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किशोर कुमार
बॉलीवुड में अकसर नए प्रयोग करने वाले किशोर दा की 30 साल बाद भी आवाज दिलों में जिंदा है। बॉलीवुड में बहुत कम हस्तियां ऐसी होंगी जिन्हें हर क्षेत्र में महारत हासिल हो, ऐसी ही एक शख्सियत है वो जानिए उनके बारे में...
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किशोर कुमार
किशोर कुमार एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन गायक भी थे। इसके अलावा किशोर कुमार ने बतौर निर्माता-निर्देशक, गीतकार, स्क्रिप्ट राइटर भी भूमिका भी बखूबी निभाई। इतना ‌ही नहीं किशोर दा ने हिंदी के अलावा कई और भाषाओं जैसे मराठी, गुजराती, बंगाली, मललायम, भोजपुरी जैसी कितनी ही भारतीय भाषाओं में पार्श्व गायन किया।
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फाइल
30 साल बाद भी किशोर दा के सुरों की मिठास और उनकी आवाज की खनक बरकरार है। ऐसा माना जाता है कि किशोर दा को नई चीजों पर काम करने में बेहद सुकून मिलता था। ना सिर्फ संजीदा अभिनय बल्कि बतौर कॉमेडियन भी किशोर दा ने परदे पर अपनी अलग पहचान बना ली थी। 

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किशोर कुमार

बेशक वे नए प्रयोग किया करते थे लेकिन नए लोगों और अपने सह-कलाकारों से सलाह लेने में कोई गुरज नहीं समझते थे। यहीं कारण था कि उनकी फिल्म 'पड़ोसन' में महमूद ने उनके किरदार में निखार लाने में खूब मदद की थी।
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किशोर कुमार - फोटो : social media
किशोर कुमार का शुरूआती नाम अभास कुमार गांगुली था। इनका जन्म बंगाली परिवार में हुआ था। बतौर पार्श्व गायक किशोर दा ने पहली बार 1948 में फिल्म 'जिद्दी' के लिए गाया और बतौर अभिनेता 1951 में 'आंदोलन' में काम किया। 
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किशोर कुमार
किशोर दा शुरूआत से ही बतौर गायक अपनी पहचान बनाना चाहते थे। बड़े भाई का बॉलीवुड में रूतबा होने के कारण उन्हें कोई बॉलीवुड की दुनिया में कोई खास स्ट्रगल करना नहीं पड़ा। 
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