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क्यों हो रहा है PM मोदी की बायोपिक पर विवाद, प्रोडक्शन हाउस और म्यूजिक कंपनी को मिला नोटिस

Mon, 25 Mar 2019 07:19 AM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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modi biopic - फोटो : social media
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बॉयोपिक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं रहीं। फिल्म को लेकर कोई न कोई विवाद सामने आ रहा है। हाल ही शाबाना आजमी ने इस फिल्म के मेकर्स पर गुमराह करने का आरोप लगाया। वहीं अब लोकसभा चुनाव के लिए लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में पूर्वी दिल्ली के उपायुक्त ने पांच अप्रैल को बायोपिक के विज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए प्रोडक्शन हाउस और म्यूजिक कंपनी समेत दो अन्य को नोटिस भेजा है। सीईओ कार्यालय ने सभी संबंधित को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 30 मार्च तक का वक्त दिया है। 
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modi biopic - फोटो : social media
पूर्वी दिल्ली के रिटर्निंग ऑफिसर और उपायुक्त महेश ने केबल नेटवर्क एक्ट के तहत प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित फिल्म से संबंधित विज्ञापन के लिए प्रोडक्शन हाउस और म्यूजिक कंपनी सहित दो अखबारों को भी नोटिस भेजा है। चूंकि यह फिल्म पूरे देश में रिलीज होगी और इसके महज चंद दिन बाद से कुछ राज्यों में मतदान होने वाला है।
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पीएम मोदी बायोपिक - फोटो : इंस्टाग्राम
माना जा रहा है कि चुनाव से कुछ दिन पहले एक राजनेता के जीवन पर आधारित फिल्म के प्रदर्शन से मतदाताओं को किसी पार्टी विशेष की तरफ आकृष्ट किया जा सकता है, जिसे केवल नेटवर्क एक्ट का उल्लंघन माना गया है। इसके तहत कोई भी प्रिंट मीडिया, जिनके वेब न्यूज पोर्टल भी हैं, बगैर चुनाव आयोग की अनुमति ऐसा संदेश प्रसारित या प्रकाशित किया जाता है तो उन पर आचार संहिता उल्लंघन की कार्रवाई बनती है।

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पीएम मोदी बायोपिक - फोटो : इंस्टाग्राम
उपायुक्त के मुताबिक चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद विज्ञापन के लिए अनुमति नहीं ली गई, नतीजतन उन्हें नोटिस जारी करते हुए 30 मार्च तक जवाब मांगा गया है।  मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि संबंधित पक्षों से इस संबंध में जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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modi biopic
एनबीएफसी को भी लेनी होगी प्रदर्शन के लिए अनुमति
फिल्म के रिलीज होने के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन(एनबीएफसी) को इस संबंध में चुनाव आयोग से पूर्वानुमति लेनी होगी। इसके बाद आयोग के  निर्देश के तहत ही फिल्म को कहीं भी प्रदर्शन की अनुमति मिलने की उम्मीद है। चूंकि फिल्म राजनीति और राजनेता की पृष्ठभूमि पर आधारित है, ऐसे में इसके प्रदर्शन के लिए संबंधित आयोग या विभाग की अनुमति जरूरी है।
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