दिव्या भारती
आयशा जुल्का ने बीबीसी को बताया था, "बहुत समय तक तो विश्वास ही नहीं हुआ। एक और अजीब बात है कि शायद वो खुद कुछ जानती थीं। वो हमेशा कहती थीं कि जल्दी करो, जल्दी चलो, जिंदगी छोटी है। उन्होंने साफ साफ नहीं कहा लेकिन शायद इंसान को अंदर से एक 'इंपल्स' होता है। उन्हें हर काम जल्दी करना था। उनको सब कुछ जिंदगी में जल्दी मिल रहा था। वो खुद कहतीं कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा। ऐसा लगता है कि उन्हें पता था कि हमारे बीच ज्यादा नहीं रहना।"