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मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाने वाली 49 हस्तियों को राहत, केस दर्ज कराने वाले वकील पर चलेगा मुकदमा

Thu, 10 Oct 2019 07:01 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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sudhir kumar ojha - फोटो : Social Media
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर देश में मॉब लिंचिंग के बढ़ते मामलों का मुद्दा उठाने वाले 49 प्रतिष्ठित लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा नहीं चलेगा। बिहार के मुजफ्फरपुर के एसएसपी ने बुधवार को इन प्रतिष्ठित लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को बंद करने के आदेश दिए। लेकिन अब यह मुकदमा दर्ज कराने वाले स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। झूठा केस दर्ज कराने के आरोप में उन पर मुकदमा चलेगा।
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मणिरत्नम, पीएम नरेन्द्र मोदी और अनुराग कश्यप - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल रामचंद्र गुहा, मणिरत्नम, श्याम बेनेगल, अनुराग कश्यप और शुभा मुद्गल समेत 49 हस्तियों ने इसी साल जुलाई में देश में मॉब लिंचिंग की घटनाओं और जय श्रीराम नारे के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को एक खुता पत्र लिखा था। प्रधानमंत्री के नाम लिखे गए पत्र में कहा गया था कि देश भर में लोगों को जय श्रीराम नारे के आधार पर उकसाने का काम किया जा रहा है। साथ ही दलित, मुस्लिम और दूसरे कमजोर तबकों की मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई थी।
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सुधीर कुमार ओझा - फोटो : Social Media
इसके बाद इन  49 हस्तियों पर देशद्रोह के आरोप लगे थे। इसी के चलते मुजफ्फरपुर में वकील सुधीर कुमार ओझा ने इन पर कई धाराओं के तहत तीन अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन केस रद्द होने के बाद अब सुधीर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। झूठा मुकदमा दर्ज कराने को लेकर उन पर आईपीसी की धारा 182/211 के तहत केस दर्ज किया जाएगा। आईओ हरेराम पासवान को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। साथ ही कोर्ट को भी पूरे मामले से अवगत कराने को कहा गया है।

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Anurag Kashyap - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
इस पूरे मामले पर एसएसपी ने कहा, "राजद्रोह का मामला बंद करने का आदेश दिया गया है। मामला बंद करने का अनुरोध (क्लोजर रिपोर्ट) प्रक्रिया के तहत अदालत को सौंपा जाएगा।" हालांकि, एसएसपी ने मामले में ज्यादा जानकारी नहीं दी। वहीं, पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप शरारतपूर्ण हैं और उनमें कोई ठोस आधार नहीं है।
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Narendra Modi - फोटो : एएनआई
बता दें कि केंद्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस मामले से उसका या भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि बुद्धिजीवियों और कलाकारों के खिलाफ देशद्रोह के मुकदमे के लिए विपक्षी पार्टियों द्वारा मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह से गलत है। यह अफवाह निहित स्वार्थ वाले लोगों और टुकड़े-टुकड़े गिरोह द्वारा फैलाया जा रहा है। जावड़ेकर ने कहा कि एक याचिका के बाद बिहार की अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। केंद्र सरकार ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।

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