सायरा बानो और दिलीप कुमार
सायरा बानो की दिलीप साहब से पहली मुलाकात 1960 में फिल्म मुगल-ए-आजम के सेट पर हुई थी। हालांकि उस समय दिलीप कुमार ने उनपर कोई ध्यान नहीं दिया, क्योंकि उस समय उनकी उम्र बहुत कम थी और इसलिए दिलीप साहब भी वह उन्हें एक छोटी बच्ची की तरह ट्रीट कर रहे थे, लेकिन सायरा तो दिल ही दिल में उन्हें अपना मान बैठी थीं। अब फिल्मों में आने के सिवाय सायरा बानो के पास कोई और रास्ता नहीं था। इसलिए उन्होंने अपनी मां से फिल्मों में काम करने की इच्छा जाहिर की।