वॉर 2
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अब ओटीटी भी पूछता है, 'इसमें नया क्या है'?
सुमित काडेल का मानना है कि ओटीटी और सैटेलाइट ने भी सीक्वल्स की वैल्यू तय करने में बड़ा रोल निभाया है। वे कहते हैं, 'अब सिर्फ नाम नहीं, पहले पार्ट की पॉपुलैरिटी ही अगली फिल्म को बेचती है। अगर पहला पार्ट डिजिटल पर नहीं चला, तो सीक्वल की वैल्यू भी घट जाती है।' सुनील दर्शन भी मानते हैं, 'पहले सिर्फ बड़ा नाम काफी था, अब पॉपुलैरिटी पूछते हैं - इसमें नया क्या है? आज की ऑडियंस कंटेंट देखती है, सिर्फ टाइटल नहीं।'