बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार देव आनंद की पुण्यतिथि तीन दिसंबर को होती है। 40 साल पहले…14 सितम्बर, 1979 का दिन था। उस वक्त के बंबई में ताजमहल होटल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। वो इंदिरा गांधी की लगाई इमरजेंसी के बाद वाला दौर था जब जनता पार्टी का प्रयोग भी विफल हो चुका था। दोनों पक्षों से नाराज कुछ लोगों ने मिलकर नए राजनीतिक दल 'नेशनल पार्टी' बनाने की घोषणा की। इस पार्टी के अध्यक्ष थे देव आनंद।
पार्टी के 16 पन्नों वाले घोषणा पत्र में कहा गया, "इंदिरा की तानाशाही से त्रस्त लोगों ने जनता पार्टी को चुना, लेकिन निराशा हाथ लगी। अब यह दल भी टूट चुका है। जरूरत है, एक स्थायी सरकार दे सकने वाली पार्टी की, जो थर्ड आल्टरनेटिव दे सके। नेशनल पार्टी वह मंच है जहां समान विचार वाले लोग साथ आ सकते हैं।"
इस पार्टी में वी शांताराम, विजय आनंद, आईएस जौहर, जीपी सिप्पी समेत कई फिल्मी हस्तियां जुड़ गईं। पार्टी ने लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया, रैलियां शुरूं हो गईं, भीड़ जुटने लगी। लेकिन धीरे-धीरे ये बात फैलने लगी कि फ़िल्म उद्योग के लोगों को इसका नुक़सान बाद में उठाना पड़ेगा। एक-एक कर ज्यादातर लोगों ने साथ छोड़ दिया।
इस तरह देव आनंद का राजनीतिक सपना और पार्टी दोनों ख़त्म हो गई। लेकिन फिल्मी हस्तियों और राजनीति का ये पहला और आखिरी मेल नहीं था। आज़ादी के पहले से ही कलाकारों का भारतीय राजनीति से नाता रहा है।