लंबे समय से दीपिका ने किसी भी फिल्म के लिए हां नही बोला था, लेकिन जब उनसे इस प्रोजेक्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जब मैंने इसकी कहानी सुनी तो मैं अंदर तक हिल गई और मेरी आंखों से आंसू छलक गए। इस कहानी ने मुझे बहुत प्रभावित किया। यह सिर्फ हिंसा की नहीं, बल्कि साहस, जीत, संघर्ष की कहानी है और फिर मैं इस फिल्म को करने के लिए तैयार हो गई।