मंदाकिनी
- फोटो : सोशल मीडिया
मंदाकिनी आगे कहती हैं, अब लोगों के अंदर अहंकार का भाव आ गया है। कलाकारों को ऐसा लगता है कि उनकी बदौलत ही यह इंडस्ट्री चल रही है। मेरा मानना है कि कलाकार के अंदर अहंकार होना ही नहीं चाहिए। इंसान जितना भी ऊंचाई पर रहे, उसे उतना ही विनम्र होना चाहिए। दरअसल, हमारे दर्शक हमें देखते हैं, हमसे प्यार करते हैं, हमें फॉलो करते हैं। ऐसे में जब वह अपका अहंकार देखते हैं तो गुस्सा हो जाते हैं। बायकॉट और कैंसिल कल्चर इसी गुस्से का नतीजा है।