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संडे बाइस्कोप: पब्लिक ने मिथुन से मिलने को तोड़ दिए थे शीशे, साथ में पांच और फिल्मों के दिलचस्प किस्से

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सुरक्षा, पहेली, मेजर साब - फोटो : सोशल मीडिया
एक फ्राइडे ने बदल दी मिथुन की किस्मत
मुंबई के माटुंगा स्थित सिनेप्लेक्स बादल, बरखा, बिजली में उस रात जमकर हंगामा हुआ। हुआ यूं कि 'सुरक्षा' के फर्स्ट डे नाइट शो में मिथुन अपने दो करीबी लोगों के साथ दर्शकों का रिएक्शन देखने पहुंच गए। इंटरवल में वह चुपचाप आकर मैनेजर के केबिन में बैठ गए और किसी ने खबर उड़ा दी कि मिथुन आया है। बस फिर क्या था पब्लिक शीशे तोड़कर मैनेजर के केबिन में घुस गई। एक दिन पहले गुरुवार तक मिथुन इसी इलाके में सरे राह यूं ही निकल जाया करते थे। फिर उस शुक्रवार को एक नए स्टार का जन्म हुआ। फिल्म 'सुरक्षा' ने मिथुन चक्रवर्ती को हिंदी सिनेमा का नया स्टार बना दिया था। आगे क्या हुए जानने के लिए क्लिक कीजिए नीचे दिए लिंक पर।

बाइस्कोप: जब माटुंगा में मिथुन से मिलने के लिए पब्लिक ने तोड़ दिए थे शीशे, और आ पहुंचा एक नया स्टार
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वो सात दिन - फोटो : अमर उजाला
मिथुन ने कर दी होती हां तो..
एक सुंदर सा दिखने वाला युवक। किसी दूसरे के घर में रहने आया है। संगीत का पुजारी है। गाता अच्छा है। जिस घर में वह रहता है उसके मालिक की बेटी उस पर फिदा है। प्यार वह भी करता है। दोनों साथ जीने मरने की कसमें खाने का सपना पूरा कर पाएं उससे पहले घर के मालिक को इसका पता चल जाता है। सिंगर घर छोड़ने पर मजबूर होता है। बेटी की शादी उसकी मरजी के बगैर कहीं और हो जाती है। सुहागरात को प्रेम कहानी का खुलासा होता है तो पति अपनी ही पत्नी को उसके प्रेमी से मिलवाने की ठान लेता है। आप कहेंगे ये तो सलमान खान और ऐश्वर्या राय की फिल्म हम दिल दे चुके सनम की कहानी है, मैं कहूंगा ये 37 साल पहले रिलीज हुई फिल्म वो 7 दिन की भी कहानी है तो शायद आप हैरान रह जाएं।

बाइस्कोप: मिथुन ने कर दी होती हां तो अनिल कपूर कभी नहीं बन पाते प्रेम प्रताप पटियालेवाला और फिर...
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पहेली - फोटो : सोशल मीडिया
इस वजह से पहेली को नहीं मिला ऑस्कर में नॉमिनेशन
बतौर एक्टर तीन बैक टू बैक सुपरहिट फिल्मों से डेब्यू करने वाले अमोल पालेकर डायरेक्टर भी कमाल के रहे हैं। पहेली उन्हीं की निर्देशित फिल्म है। अमोल पालेकर ने शाहरुख को बहुत सकुचाते हुए इस फिल्म की कहानी सुनाई और शाहरुख ने उनसे पूछा था कि क्या वह इस फिल्म में अभिनय करने के साथ साथ इसे प्रोड्यूस भी कर सकते हैं। शाहरुख उन दिनों नए निर्देशकों की तलाश में थे, जिनके साथ वह यश चोपड़ा, आदित्य चोपड़ा और करण जौहर से आगे का सिनेमा बना सकें। ये उन दिनों की बात है जब शाहरुख अपने पुराने दोस्तों अजीज मिर्जा और जूही चावला की पार्टनरशिप वाली कंपनी ड्रीम्ज अनलिमिटेड बंद कर चुके थे। अपनी नई कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट शुरू कर चुके थे और फराह खान की बतौर निर्देशक पहली फिल्म मैं हूं ना से करोड़ों का मुनाफा बटोर चुके थे।

बाइस्कोप: इस वजह से पहेली को नहीं मिला ऑस्कर में नॉमीनेशन, अमोल पालेकर के दामन पर लगा 'दाग'
 

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परवाना - फोटो : अमर उजाला मुंबई
जब डांस मास्टर ने अमिताभ के नाचने पर किया कमेंट
नवीन निश्चल पूना फिल्म इंस्टीट्यूट के गोल्ड मेडलिस्ट थे और उन्हें इसका बहुत गुमान भी था। पहली फिल्म रेखा के साथ थी, सावन भादो। फिल्म सुपरहिट हुई और नवीन निश्चल के पैर जमीन पर नहीं टिक सके। वह खुद को सबसे बड़ा सुपरस्टार समझने लगे। उनकी शोहरत का आलम ये था कि देव आनंद के परिवार में उनका रिश्ता हुआ। फिल्ममेकर शेखर कपूर की बहन नीलू उनकी पहली पत्नी थीं। नवीन निश्चल और योगिता बाली को लेकर बनी फिल्म परवाना के समय अमिताभ बच्चन की हैसियत हिंदी सिनेमा में स्ट्रगलर जैसी तो नहीं थी लेकिन उनके भीतर के अभिनेता को तब तक कम लोग ही पहचान पाए थे। फिल्म परवाना के एक गाने में पियानो पर थिरकती अमिताभ की उंगलियों के बीच उनकी कनपटी की नसों के उठने बैठने पर अगर किसी निर्देशक का ध्यान गया होता तो समझ आया होता कि एंग्री यंगमैन तो इस इंसान के भीतर न जाने कब से कुलबुला रहा था।

बाइस्कोप: अमिताभ के गुस्से से नहीं बच पाए इस फिल्म के डांस मास्टर, नाचने पर किया कमेंट तो फिर...
 
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मेजर साब - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
असल है अमिताभ के मर कर जी उठने का सीन
अमिताभ की अपनी कंपनी एबीसीएल (अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड) की प्लानिंग के हिसाब से फिल्म मेजर साब ही उनकी पांच साल के लंबे ब्रेक के बाद रिलीज होने वाली ‘कमबैक’ फिल्म होनी थी लेकिन होनी ने उनकी कमबैक कराई एक फ्लॉप फिल्म मृत्युदाता से। इन दोनों फिल्मों के निर्माता भी अमिताभ बच्चन ही थे। ये वो समय था जब अमिताभ बच्चन की किस्मत शायद उनसे रूठी हुई थी, वो जो कुछ कर रहे थे, उसका परिणाम उल्टा हो रहा था और यही वह दौर है जब अमिताभ बच्चन को उनके किसी भरोसे के सलाहकार ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता आयोजित कराने की सलाह दे दे दी थी। इस प्रतियोगिता के दो साल बाद रिलीज हुई फिल्म मेजर साब ही हमारे आज के बाइस्कोप की फिल्म है।

बाइस्कोप: जब मौत को झांसा देकर लौट आए अमिताभ बच्चन, इस फिल्म में फिल्माया गया असल जिंदगी का ये सीन
 
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अमृत - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
इस हॉलीवुड मूवी की रीमेक थी राजेश खन्ना की ‘अमृत’
बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करने वाले बच्चे हाल के दिनों में अखबारों की खूब सुर्खियां बनते रहे हैं। अदालती आदेशों के बाद हालांकि अब माता पिता को बेसहारा छोड़ने की खबरें कम हुई हैं, लेकिन ज्यादा बरस नहीं हुए जब ऐसे किस्से हर दूसरी गली में देखने को मिल जाते थे। अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी जब फिल्म नास्तिक के 20 साल बाद फिल्म बागबान के लिए एक साथ परदे पर आए थे तो इस फिल्म ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अपने माता पिता का ख्याल न रखने वाली संतानों के ऐसे ही किस्सों पर बनी एक फिल्म 27 जून 1986 को भी रिलीज हुई, नाम था अमृत। फिल्म को वैसे तो राजेश खन्ना और स्मिता पाटिल के भावुक कर देने वाले अभिनय ने कालजयी किया। लेकिन पार्श्वगायक मोहम्मद अजीज के एक गाने ने इस फिल्म को हमेशा हमेशा के लिए अमर कर दिया। यह भी दुखद रहा कि जिस साल ये फिल्म रिलीज हुई उसी साल दिसंबर में स्मिता अपने बच्चे को जन्म देने के बाद दुनिया छ़ोड़ गईं।

बाइस्कोप: मो. अजीज के गाने 'दुनिया में कितना..' ने सुपरहिट कराई फिल्म अमृत, इस हॉलीवुड मूवी की रीमेक
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