Ayushmann Khurrana
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आयुष्मान ने आगे कहा कि, 'मैं आर्टिकल 15 जैसी फिल्म करता हूं तो मेरा पक्ष लेना जरूरी होता है। हमें हमेशा से ये लगता है कि सरकार मुस्लिमों को खुश करती है या फिर उन्हें असुरक्षित महसूस करवाती। हमें बीच का रास्ता क्यों नहीं मिलता है? वो देखना चाहिए। मुझे लगता है कि भारत युवाओं का देश है। देश का भविष्य उनके हाथ में है। इन्हें हमें और सशक्त बनाने की जरूरत है। ये बात सिर्फ अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी के लिए नहीं है, क्योंकि छात्रों का कोई धर्म नहीं होता है। छात्र ना हिंदू हैं ना मुस्लिम,वह बस एक छात्र हैं।'