चंकी पांडे
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इसके बाद वह 'खतरों के खिलाड़ी', जहरीले', 'आंखें' और तेजाब जैसी सुपरहिट फिल्मों में नजर आए। तेजाब में उनकी एक्टिंग के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। हालांकि 90 के दशक के दौरान उनके करियर का ग्राफ धीरे-धीरे नीच जाने लगा। इस मुश्किल भरे दौर से पार पाने के लिए उन्होंने बांग्लादेशी फिल्मों में काम करना शुरू किया, जहां उनकी किसमत चमक उठी। बॉलीवुड में न सही लेकिन वह बांग्लादेश के सुपरस्टार बन गए। बांग्लादेशी सिनेमा में बतौर लीड एक्टर उन्होंने 'स्वामी केनो असामी', 'बेश कोरेची प्रेम कोरेची', 'मेयेरा ए मानुष' जैसी सुपरहिट फिल्में दी।