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क्या हैं Web Series, क्यों और कैसे हिट हुआ फार्मूला? भद्दी गालियां, बजती तालियां

Sat, 28 Sep 2019 12:24 PM IST
Avinash Pal अविनाश सिंह पाल, अमर उजाला
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वेब सीरीज - फोटो : अमर उजाला
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी और इमरान हाशमी ने भी  वेब सीरीज के समंदर में डुबकी लगा दी है। मनोज बाजपेयी जहां 'द फैमिली मैन' के साथ आए हैं तो वहीं इमरान हाशमी 'बार्ड ऑफ ब्लड' के साथ इस मैदान में उतरे हैं। हालांकि दोनों के किरदार करीबन एक जैसे ही हैं। दोनों ही अपनी अपनी वेब सीरीज में स्पाई के किरदार में नजर आ रहे हैं। लेकिन दोनों ही वेब सीरीज के प्लॉट एक दम अलग हैं और शायद यही बात वेब सीरीज को फिल्मों से अधिक खास बनाती है। दरअसल यहां पर एक थीम को भी अनेकों तरह से दिखाया जा रहा है। लेकिन क्या वेब सीरीज को हिट कराने के लिए इतना काफी है? डिफरेंट कॉन्सेप्ट्स के साथ ही साथ ऐसी कई और बातें हैं जिनके चलते वेब सीरीज सफलता के कदम चूम रही हैं। इस स्पेशल रिपोर्ट में हम वेब सीरीज से ही जुड़े कई मुद्दों पर बात करेंगे। जिसमें वेब सीरीज की शुरुआत से लेकर रेवन्यू तक की बात करेंगे।
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परमानेंट रूममेट्स - फोटो : सोशल मीडिया
वेब सीरीज की शुरुआत
देश में वेब सीरीज का इतिहास काफी पुराना नहीं है। मोटे तौर पर कहा जाए तो करीब 8-10 साल पहले ही वेब सीरीज की शुरुआत मानी जा सकती है। लेकिन कहा जा सकता है कि 2014 से वेब सीरीज ट्रेंड में आया और दर्शकों का प्यार मिलना शुरू हुआ। 2014 में रिलीज हुई वेब सीरीज परमानेंट रूममेट्स को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस वेब सीरीज में सुमित व्यास के साथ निधि सिंह नजर आईं थी। दोनों की मजेदार केमिस्ट्री को दर्शकों ने जमकर एन्जॉय किया था। वहीं इसके बाद बेक्ड, टीवीएफ पिचर्स, मैन्स वर्ल्ड, बैंग बाजा बारात, आएशा, चाइनीज भसड़, टीवीएफ बैचेलर्स, टीवीएफ ट्रिपलिंग, ऑफिशियल चुकियागिरी, सेक्रेड गेम्स, मिर्जापुर और होस्टेज जैसी वेब सीरीज ने धूम मचा दी। वहीं फिलहाल द फैमिली मैन और द बार्ड ऑफ ब्लड सुर्खियों में हैं।

आखिर क्यों हिट हैं वेब सीरीज
आज बॉलीवुड सहित पूरे सिनेमा को वेब सीरीज टक्कर देती नजर आ रही हैं। लेकिन आखिर क्या वजह है इसकी? चलिए सबसे पहले बात करते हैं वेब सीरीज के सिक्के के पहले पहलू की, बॉलीवुड फिल्म करीबन हर शुक्रवार को रिलीज होती है। कभी एक और कभी एक से ज्यादा फिल्में सिनेमाघर में दस्तक देती हैं। फिल्म की औसत लंबाई 2-3 घंटे की होती है, जिसको देखने के लिए आपको लेना होता है टिकट, या फिर कह सकते हैं- महंगा टिकट। सिनेमाघर में फिल्मों के टिकट की कीमत 200 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक होती है। और हां इसके साथ ही में थिएटर तक आने-जाने का वक्त और खाने पीने का खर्चा मत भूलिएगा। यानी कुल मिलाकर एक फिल्म आपको करीब एक हजार रुपये की पड़ती है। अब जरा सिक्के के पहलू को बदलते हैं और बात करते हैं दूसरे पहलू की। आप शाम को थके हारे ऑफिस से घर के लिए निकलते हैं। मेट्रो में बैठते हैं, फोन बाहर निकलाते हैं और शुरू कर देते हैं आपकी पसंदीदा वेब सीरीज को देखना। चूंकि आपका मोबाइल ही आपका थिएटर है। आपको कहीं आने जाने की जरूरत नहीं है। दरअसल मोबाइल पर कुछ भी देखना बेहद आसान है, आप बिस्तर पर लेटे हुए, कैब में किसी मीटिंग के लिए जाते हुए या फिर जिम में साइकिलिंग करते हुए भी वेब सीरीज देख सकते हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि आपको वेब सीरीज देखने के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। जहां कुछ एप्स इसके लिए  कोई पैसा नहीं लेते हैं तो वहीं कुछ एप्स के लिए आपको सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। लेकिन इस सब्सक्रिप्शन की फीस आपके थिएटर के खर्चे से कम ही होती है। थिएटर में जहां आप 500- 1000 रुपये में सिर्फ एक फिल्म देख पाते हैं तो वहीं दूसरी ओर सब्सक्रिप्शन में आपको एक सीमित वक्त के लिए सब कुछ मिल जाता है। यानी सिर्फ एक बार पैसा खर्च करना होता है और कुछ दिन या महीने आप कितनी भी वेब सीरीज देख सकते हैं। खैर बात सिर्फ वेब सीरीज तक ही नहीं रुकती हैं, क्योंकि अब इन एप्स में आपको कई सारी बॉलीवुड फिल्में देखने का भी मौका मिल जाता है। जो कुछ वक्त पहले ही थिएटर से हटी हैं। तो डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते ट्रेंड पर हम कह सकते हैं - रुपया एक, फायदा अनेक।
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वेब सीरीज में बोल्डनेस का तड़का - फोटो : सोशल मीडिया
सेंसर की कैंची नहीं
वैसे वेब सीरीज के बढ़ते क्रेज की वजह सिर्फ पैसे और वक्त की बचत ही नहीं है। इसके साथ ही एक और बड़ी वजह है सेंसर बोर्ड की कैंची का न होना। दरअसल वेब सीरीज में अभी तक कांट छांट के लिए सेंसर बोर्ड की कोई कैंची नहीं है। इसलिए इसमें कंटेंट फिल्टर नहीं होता है। यानी सीधा सपाट जो बनता है वो ही दर्शकों तक पहुंचता है। ऐसे में गालियों और बोल्ड सीन्स की भरमार भी वेब सीरीज में देखने को मिलती है। वेब सीरीज में आमतौर पर उस भाषा का इस्तेमाल देखने को मिलता है जो आपके और हमारे जैसे कई लोग करते हैं। आम तौर पर गुस्से और कई दफा मस्ती में अपने दोस्तों को गाली दी जाती है जो वेब सीरीज में भी देखने को मिलता है। तो क्या यह भी कह सकते हैं कि वेब सीरीज का यूजर खुद को उसके कंटेंट से कनेक्ट कर पाता है जिसके चलते वेब सीरीज आम दर्शकों के बीच हिट साबित हो रही है।भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान पुणे के अध्यक्ष बी पी सिंह ने कहा था कि ऐसा नहीं है ओटीटी पर कुछ भी दिखाने का लाइसेंस मिल गया है। यह सिर्फ दर्शकों पर निर्भर करेगा कि वह क्या देखना पसंद करते हैं। जहां तक बात क्रिएटिविटी की है तो भीड़ से अलग होने के लिए अश्लीलता और गालियों की ज़रूरत नहीं है। सिर्फ गालियों से ही ओटीटी कंटेंट नहीं बनता। इसने हमें बोल्ड विषयों को लेने की स्वतंत्रता दी है लेकिन इसकी लिखावट भी वैसी ही होनी चाहिए। अगर ऐ ओटीटी के लिए भी नियम बने तो लेखन शैली और बदलनी चाहिए।

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ओटीटी प्लेटफॉर्मस - फोटो : सोशल मीडिया
सस्ते इंटरनेट का डोज
दरअसल पिछले कुछ वक्त में डिजिटल प्लेटफॉर्म में बूम आया है। यानी अब हर कोई स्मार्ट ऑडियंस बनना चाह रहा है। जिसका सबसे बड़ा श्रेय जाता है सस्ते इंटरनेट को। सस्ते इंटरनेट के चलते एप्स का इस्तेमाल भी बढ़ गया है। एक नजर उन कुछ एप्स पर जो वेब सीरीज के लिए सुर्खियों में रहती हैं। इस लिस्ट में अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स टॉप पर हैं। प्ले स्टोर पर अमेजन प्राइम के 100 मिलियन से भी अधिक और  नेटफ्लिक्स के 500 मिलियन से भी अधिक डाउनलोड्स हैं। इसके साथ ही एप स्टोर पर  अमेजन प्राइम के 2 लाख 40 हजार से अधिक और  नेटफ्लिक्स  के  9 लाख 85 हजार से अधिक डाउनलोड्स हैं। वैसे मार्केट में सिर्फ यही दो एप्स नहीं हैं। इसके अलावा भी कई एप्स हैं, जो वैसे सिर्फ वेब सीरीज के लिए नहीं फेमस हैं लेकिन उन पर भी वेब सीरीज देखी जा सकती हैं।

प्ले स्टोर
जी 5: 50 मिलियन
एम एक्स प्लेयर: 500 मिलियन से भी अधिक
ऑल्ट बालाजी: 10 मिलियन
हॉटस्टार: 100 मिलियन 
उल्लू: एक मिलियन
वूट: 50 मिलियन से भी अधिक
टीवीएफ: 5 मिलियन

एप स्टोर
जी 5: करीब 9 लाख 63 हजार
एम एक्स प्लेयर: करीब 23 लाख 8 हजार
ऑल्ट बालाजी: 9 लाख 62 हजार
हॉटस्टार: 7 लाख 76 हजार
उल्लू: 331
वूट: 2 लाख 69 हजार
टीवीएफ: 1 लाख 18 हजार
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टेलीकम्युनिकेशन कंपनीज - फोटो : सोशल मीडिया
शेयरिंग इज केयरिंग
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स  न सिर्फ आपको कंटेंट के रूप में कई ऑप्शन देता है बल्कि साथ ही साथ वो शेयरिंग इज केयरिंग भी सिखाता है। दरअसल बात इन ओटीटी के सब्सक्रिप्शन की करें तो ये भी आपको कई ऑप्शन देते हैं। जिससे आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं। सबसे पहले बात नेटफ्लिक्स की। नेटफ्लिक्स आपको चार सब्सक्रिप्शन प्लान ऑफर करता है। जो 199 रुपये, 499 रुपये, 649 रुपये और 799 रुपये के हैं। 199 रुपये और 499 रुपये के प्लान को जहां सिर्फ आप अकेले देख सकते हैं तो वहीं 499 रुपये के प्लान और 799 रुपये के प्लान को आप दो और चार लोगों के साथ शेयर कर सकते हैं। नेटफ्लिक्स के ये सभी सब्सक्रिप्शन प्रति महीने की दर से हैं। वहीं अमेजन प्राइम 129 रुपये प्रति महीना और 999 रुपये प्रति साल का सब्सक्रिप्शन ऑफर करता है। खैर ये तो बात हो गई सिर्फ सब्सक्रिप्शन की लेकिन अब तो टेलीकम्युनिकेशन कंपनीज भी ओटीटी का ऑफर दे रही हैं। वोडाफोन से लेकर एयरटेल तक इस रेस में शामिल हैं।
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वेब सीरीज में बॉलीवुड सेलेब्स - फोटो : सोशल मीडिया
डायलॉग्स और विवाद
वेब सीरीज में आज दो चीजों की भरमार आपको आसानी से देखने को मिल जाएगी। एक गालियों का डोज और दूसरा बोल्ड सीन्स की भरमार। कई डायलॉग्स ऐसे हैं जो आप फिल्मों में देखने की सोच भी नहीं सकते क्योंकि सेंसर बोर्ड की कैंची फिल्मों पर चल जाती है। लेकिन बात सिर्फ गालियों तक ही नहीं रुकती है। क्योंकि कुछ डायलॉग्स तो ऐसे भी हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर सकते हैं। किसी में धर्म का जिक्र होता है तो किसी में देश की गरिमा पर सीधा वार। हालांकि सब तो नहीं लिख सकते लेकिन फिर भी कुछ ऐसे डायलॉग्स जो कही न कही विवादित हैं और सवाल दागते हैं कि क्या ऐसे डायलॉग्स आप फिल्मों में आप देख सकते हैं ?

- आपको यही जॉब क्यों करना है ? क्योंकि सरकारी जॉब में कुछ करना नहीं पड़ता न, इसलिए (द फैमिली मैन)

- प्राइवेसी इज ए मिथ.. जस्ट लाइक डेमोक्रेसी (द फैमिली मैन)

-अपुन इच भगवान है (सेक्रेड गेम्स)

-अगर आदमी बाहर काम करने चाहे तो पैशन और औरत करना चाहे तो धंधा (सेक्रेड गेम्स)

- तुम्हें लगता है, भगवान सबको बचा लेगा, इस बार तो भगवान खुद को भी नहीं बचा सकता (सेक्रेड गेम्स)

- गणेश गायतोंडे है मैं, सर्वशक्तिशाली इकलौता भगवान (सेक्रेड गेम्स 2)

- जितनी फिक्र कश्मीर की है, उतनी कश्मीरियों की होती तो क्या बात होती (द फैमिली मैन)

- कहते कश्मीर को सिर का ताज हैं और रखते पैर की जूती की तरह हैं (द फैमिली मैन)

बड़े सितारों की एंट्री
वक्त के साथ अब सेलेब्स भी दर्शकों का टेस्ट समझने लगे हैं और ऐसे में वो भी अब वेब सीरीज करने में नहीं घबरा रहे हैं। पिछले कुछ सालों की बात करें तो सैफ अली खान, नवाजुद्दीन सिद्दिकी, पंकज त्रिपाठी, राधिका आप्टे, राजकुमार राव, विवेक ओबेरॉय, राणा दग्गुबत्ती, आर माधवन, स्वरा भास्कर, अली फजल, निम्रत कौर, श्वेता त्रिपाठी और रसिका दुग्गल जैसे कई सेलेब्स वेब सीरीज में नजर आ चुके हैं। वहीं हाल ही में द फैमिली मैन से मनोज बाजपेयी और 'द बार्ड ऑफ ब्लड' से इमरान हाशमी भी वेब सीरीज की दुनिया में उतर चुके हैं। 
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वेब सीरीज - फोटो : सोशल मीडिया
केबल टीवी पर भी पड़ा है बड़ा असर
ओवर द टॉप प्लेटफार्म्स (ओटीटी)  का बड़ा असर न सिर्फ दर्शकों बल्कि केबल टीवी के बिजनेस पर भी पड़ रहा है। कुछ वक्ते पहले आई केपीएमजी की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 की चौथी तिमाही तक केबल और सैटेलाइट के एक्टिव सब्सक्राइबर्स की संख्या में 1.2 से 1.5 करोड़ की कमी आई है। डिजिटल केबल के यूजरबेज में तेजी से आई इस गिरावट की मुख्य वजह सब्सक्रिप्शन का रिन्यू न होने माना जा रहा है।  एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर की बात करें को 2018 की आखिरी तिमाही में जहां केबल और डीटीएच में 10-25 प्रतिशत की बढोतरी देखने मिली वही 2019 की पहली तीन तिमाही में कोई बढ़त देखने को नहीं मिली। बता दें कि नेटफ्लिक्स ने अपने ऑरिजनल कंटेंट में सालाना 600 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बनाई जबकि अमेजन प्राइम ने 2017 में 2,230 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बनाई थी।

हिट हैं ये वेब सीरीज
वेब सीरीज पर इतनी बात हो चुकी है तो जरूर आपके दिमाग में भी ख्याल आया होगा कि आखिर कौनसी वेब सीरीज हैं जो सभी को पसंद आईं और जोरदार हिट हुईं। द फैमिली मैन, सेक्रेड गेम्स, मिर्जापुर, ब्रीथ, दिल्ली क्राइम, क्रिमिनल जस्टिस, स्मोक, द फाइनल कॉल, रंगबाज, अपहरण, परमानेंट रूममेट्स, लस्ट स्टोरीज, बैंग बाजा बारात, फोर मोर शॉट्स, ऑफिशियल सीईओगिरी, मेड इन हेवन, ये है मेरी फैमिली, करणजीत कौर, बोस: डेड ऑर अलाइव, घुल, परछाई, बेक्ड, टीवीएफ ट्रिपलिंग, इनसाइड ऐज, मेन्ज वर्ल्ड, चाचा विधायक हैं हमारे, कोटा फैक्ट्री और टीवीएफ पिचर्स आदि जैसी कई वेब सीरीज दर्शकों को काफी पसंद आई हैं। वहीं कई वेब सीरीज के तो दूसरे पार्ट्स बनने तक की तैयारी शुरू हो गई है। 
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विदेशी वेब सीरीज - फोटो : सोशल मीडिया
क्या विदेशी शोज से चोरी है वेब सीरीज का कंसेप्ट
वैसे गौर करने वाली बात ये है कि विदेश के टीवी शोज भी वेब सीरीज की तरह होते हैं। वहां पर टीवी शोज के हजारों में एपिसोड्स ले जाने का ट्रेंड नहीं है। बल्कि चुनिंदा एपिसोड्स के साथ टीवी शोज आते हैं और धीरे धीरे उसके सीजन्स आगे बढ़ते हैं। तो क्या वेब सीरीज का आइडिया विदेशी टीवी शोज से चुराया गय है। हिट विदेशी टीवी शोज की बात करें तो  गेम ऑफ थ्रोन्स, हैप्पी, मिस्टर रोबोट, हीरोज, स्ट्रेंजर थिंग्स, एरो, ल्यूक केज, वाइकिंग्स, द क्राउन, हाउस ऑफ कार्ड्स, द फ्लैश, नारकोस, द गर्लफ्रेंड एक्सपीरियंस, मैक माफिया, जीनियस, द टरर, हाउ आई मेट योर मदर, द फ्रेंड्स, बिग बैंग थ्योरी, और टू एंड ए हाफ मैन सहित कई ऐसे विदेशी शोज़ हैं जिनको दर्शकों ने काफी पसंद किया।

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