बॉलीवुड के मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने खुद अपनी निजी जिंदगी का एक राज खोला। वहीं उन्होंने दिवंगत अदाकारा श्रीदेवी के बारे में भी बड़ी बात कही। पढ़ें स्पेशल इंटरव्यू...
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manish malhotra
मनीष मल्होत्रा मोहाली में सेक्टर 8 स्थित आईनिफ्ड इंस्टीट्यूट की 24वीं वर्षगांठ के मौके पर आए थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि संघर्ष के दिनों में मैंने भी टेंशन भरी रातें बिताई हैं, लेकिन अब हर स्थिति के साथ खुद को बैलेंस करना सीख गया हूं। ऐसी रातें भी आईं जब दिनभर की थकान के बावजूद टेंशन में सो नहीं पाता था। अब वो सब याद करके प्रेरणा मिलती है।
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मनीष ने कहा कि वे बचपन में ही अपनी मां को मेकअप, लिपिस्टिक शेड, साड़ियों के लिए एडवाइज दिया करते थे। स्कैचिंग, पेंटिंग शुरू से ही पसंद थी। स्कूल में एवरेज स्टूडेंट था, लेकिन फैशन को लेकर अपनी आर्ट के कारण मुझे कभी दिक्कत नहीं हुई। छोटे लेवल से करियर की शुरुआत की। एक बुटिक में जॉब भी की, जहां महज 500 रुपये सैलरी मिलती थी।
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फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा
मनीष कहते हैं कि आज फैशन इंडस्ट्री में तेजी से बदलाव आया है। हाल ही में उन्होंने शशांक खेतान की फिल्म धड़क के लिए डिजाइन किया है, जिसमें श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर एवं ईशान खट्टर हैं। श्रीदेवी जी मेरी ऑल टाइम फेवरेट एक्ट्रेस थीं। उनका ड्रेसिंग सेंस इतना कमाल का था कि देखते ही दिमाग में ड्रेस का डिजाइन घूम जाता था।
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Manish Malhotra
मनीष कहते हैं कि पर्सनल हो या प्रोफेशनल लाइफ। इनके अलग-अलग बैलेंस बनाना जरूरी है। हमें नए आइडियाज, क्रिएटिविटी, क्रेडिबिलिटी, बिजनेस के हर पहलू और अपने क्लाइंट्स की उम्मीदों के बीच एक बैलेंस बनाकर रखना पड़ता है, तभी हम सफल हो सकते हैं। मैंने धैर्य रखना सीना है, इंसान की नेचर नहीं बदलती, इसलिए मैं कभी-कभी धैर्य खो देता हूं, पर बैलेंस बना लेता हूं।
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मनीष मल्होत्रा
मनीष कहते हैं कि पिछले कई सालों में भारतीयों का ड्रेसिंग मिजाज काफी बदला है। पुरुष ही नहीं महिलाओं का लिबास भी बदल गया है। किसी भी समाज में जब कोई बदलाव आता है तो उसका असर हर फील्ड पर होता है। यही बदलाव फैशन इंडस्ट्री में भी आया है। अच्छी बात ये है कि अब डिजाइनर्स कलेक्शन तैयार करने में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मनीष कहते हैं कि आज चैलेंज सिर्फ यंगस्टर्स के लिए नहीं, अनुभवी डिजाइनरों के बीच भी हैं। फिर भी नए डिजाइनर के लिए अपनी मार्केट बनाना मुश्किल होता है। पर वो जो कुछ भी करेंगे, एक अचीवमेंट है। उसे एक बड़ी फिल्म में काम मिलेगा तो उसकी इंडस्ट्री में वाहवाही होगी। पर हम पहले ही कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। अब उन से हटकर कुछ करें, तो वही अचीवमेंट होगी।