फिल्म ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ को दर्शकों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इसके हीरो आयुष्मान खुराना का हौसला दोगुना कर दिया है। अपनी फिल्मों के जरिये लगातार जोखिम भरे विषयों पर समाज में चर्चा शुरू कराने में सफल रहे आयुष्मान की ये नई फिल्म एक ऐसे गठीले पहलवान टाइप लड़के की कहानी है जिसे एक ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है जो पहले लड़का थी। लिंग भेद की चर्चाओं में ‘ट्रांस’ कहकर संबोधित किए जाने वाले इस समुदाय की ये पहली कहानी है जो परदे पर पेश हो सकी है और इसके लिए इस फिल्म के निर्माता, निर्देशक से लेकर इसके कलाकारों की काफी तारीफ हो रही है। आयुष्मान कहते हैं कि फिल्म ने अब तक अच्छा कारोबार ही किया है और वैसे भी वह किसी लीक से इतर विषय पर फिल्म चुनते समय उसके बॉक्सऑफिस कलेक्शन की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं।
आयुष्मान कहते हैं, “विक्की डोनर में अपनी डेब्यू के बाद से, मैंने ऐसी फिल्मों को चुना है जिन्हें सामाजिक तौर पर अपरंपरागत या वर्जित माना जाता रहा है। मुझे लगता है कि भारत में ऐसी फिल्में बनना जरूरी है। मैंने उन अहम विषयों पर चर्चा शुरू करने की जरूरत महसूस की है जिन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ मेरी फिल्मोग्राफी में एक ऐसी ही फिल्म है और मुझे इस पर बेहद गर्व है।"