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...तो 'धड़क' के बाद ये होगा करण जौहर का नया प्रोजेक्ट, इस परमवीर का रोल करेंगे सिद्धार्थ मल्होत्रा

Thu, 19 Jul 2018 01:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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karan johar
'धड़क' के बाद करण जौहर एक नए प्रोजेक्ट पर काम करेंगे, जो बेहद दमदार होगा। इसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा देश के एक परमवीर के किरदार में नजर आ सकते हैं। जानिए क्या है पूरी कहानी...
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karan johar
दरअसल, करण जौहर अब कारगिल युद्ध में शहीद हुए परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की बायोपिक पर काम करेंगे। इसकी शूटिंग पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में की जाएगी। इसके लिए फिल्म डायरेक्टर करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस की टीम ने बुधवार को पीयू का दौरा किया। यह टीम पीयू के अंग्रेजी विभाग, स्टूडेंट्स सेंटर सहित अन्य जगह पर गई। इसके अलावा इस फिल्म की शूटिंग डीएवी कालेज सेक्टर -10 चंडीगढ़ सहित हिमाचल के पालमपुर में भी की जाएगी।
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Sidharth Malhotra
फिल्म में कैप्टन विक्रम बत्रा का रोल अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा निभा सकते हैं। फिल्म की घोषणा तो पहले ही कर दी गई थी, लेकिन हीरोइन को लेकर सस्पेंस बरकार था। अब इस पर से परदा उठ गया है। अंग्रेजी वेबसाइट डीएनए की खबर के अनुसार, विक्रम बत्रा की इस बायोपिक में कियारा आडवाणी नजर आएंगी। बता दें कि कियारा आडवाणी से पहले इस फिल्म के लिए कटरीना कैफ को चुना गया था, लेकिन कटरीना को लेकर फिल्म के मेकर्स ने खुलकर कोई बयान नहीं दिया था।
 

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KARAN JOHAR - फोटो : SELF
फिल्म के माध्यम से विक्रम बत्रा की बहादुरी की कहानी दुनिया को बताई जाएगी। फिल्म की शूटिंग चंडीगढ़ के अलावा डिफेंस एकेडमी में भी होगी। कैप्टन विक्रम बत्रा ने जहां ट्रेनिंग की थी, वहां पर भी शूटिंग की परमिशन मांगी जाएगी। इसके लिए प्रोडक्शन हाउस की ओर से दौरा किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस फिल्म की शूटिंग के लिए चंडीगढ़ के अन्य स्पॉट भी प्रोडक्शन हाउस की ओर से देखे गए हैं। सभी जगहों के लिए परमिशन लेकर ही शूटिंग शुरू की जाएगी।
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vikram batra
कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा 7 जुलाई 1999 को शहीद हुए थे। कारगिल युद्ध जीतने में कैप्टन विक्रम बत्रा ने अहम रोल निभाया था। उन्हें शहीद होने के बाद परमवीर चक्र दिया गया। विज्ञान विषय में स्नातक करने के बाद विक्रम बत्रा का चयन सीडीएस के जरिए सेना में हुआ था। जुलाई 1996 में उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में प्रवेश लिया। दिसंबर 1997 में प्रशिक्षण समाप्त होने पर उन्हें 6 दिसंबर 1997 को जम्मू के सोपोर नामक स्थान पर सेना की 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली थी।
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कारगिल शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा
विक्रम बत्रा ने 1999 में कमांडो की ट्रेनिंग के साथ कई प्रशिक्षण भी लिए। एक जून 1999 को उनकी टुकड़ी को कारगिल युद्ध में भेजा गया था। हम्प व राकी नाब स्थानों को जीतने के बाद विक्रम को कैप्टन बना दिया गया। इसके बाद श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर सबसे महत्वपूर्ण 5140 चोटी को पाक सेना से मुक्त करवाने की जिम्मेदारी कैप्टन बत्रा की टुकड़ी को दी गई। बेहद दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद विक्रम बत्रा ने अपने साथियों के साथ 20 जून 1999 को सुबह तीन बजकर 30 मिनट पर इस चोटी को अपने कब्जे में ले लिया।
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कारगिल शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा
विक्रम बत्रा ने जब इस चोटी से रेडियो के जरिए अपना विजय उद्घोष ‘यह दिल मांगे मोर’ कहा तो सेना ही नहीं बल्कि पूरे भारत में उनका नाम छा गया। इसी दौरान विक्रम के कोड नाम शेरशाह के साथ ही उन्हें कारगिल के शेर की संज्ञा दे दी गई। सेना ने चोटी 4875 को भी कब्जे में लेने का अभियान शुरू कर दिया। इसके लिए भी कैप्टन विक्रम और उनकी टुकड़ी को जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने जान की परवाह न करते हुए अपने साथियों के साथ, जिनमें लेफ्टिनेंट अनुज नैयर भी शामिल थे, कई पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा।
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शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा
7 जुलाई 1999 को लड़ाई के दौरान एक विस्फोट में उनके कनिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट नवीन के दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए थे। जब कैप्टन बत्रा लेफ्टिनेंट नवीन को बचाने के लिए पीछे घसीट रहे थे, उनकी छाती में गोली लगी और वे जय माता दी कहते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से नवाजा गया था। अब भारत माता के इस वीर सपूत की जिंदगी पर फिल्म बनने जा रही है और इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा का जबरदस्त एक्शन देखने को मिल सकता है।
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