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आत्मकथा लिखने के फेर में जले नवाजुद्दीन के हाथ, क्या संजय दत्त लिख पाएंगे अपनी जिंदगी का सच?

Sat, 31 Mar 2018 04:39 PM IST
नंद राम
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sanjay dutt
संजय दत्त की जिंदगी फिल्मी ड्रामे जैसी है। उस पर फिल्म भी तैयार है। मगर इससे पहले एक किताब ने संजय को सुर्खियों में ला दिया है। इसमें बहुत कुछ उन्हें तथा उनके परिवार को आहत करने वाला है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि किताब उनकी सहमति से नहीं लिखी गई।
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sanjay dutt
मुंबई के पाली हिल, बांद्रा में आपको जगह-जगह संजय दत्त से जुड़ी सच्ची, सुनी-सुनाई और मनगढंत कहानियां मिल जाएंगी। वह यहीं के बाशिंदे हैं। संजय की सौ से ज्यादा फिल्मों के कास्ट और क्रू के हजारों सदस्य उनके बारे में नई-अनसुनी बातें बता सकते हैं। करीब चार दशक से फिल्मी पत्रिकाओं के लाखों पन्नों पर संजय के बारे में जाने कितना लिखा गया। फिर ‘नासमझी’ में अंडरवर्ल्ड से संपर्क की वजह से उन्होंने जीवन की सबसे बड़ी सजा भुगती, जेल गए और मीडिया की सुर्खियों में रहे। फैन्स और आम लोगों तक संजय की इतनी खबरें पहुंचीं कि उनका जीवन खुली किताब जैसा हो गया। 
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संजय दत्त और टीना मुनिम
बिना उन्हें जाने भी कोई उन पर विस्तार से बात कर सकता है। इसके बावजूद पिछले दिनों संजय पर आई एक अनाधिकृत जीवनी (बायोग्राफी) ने हलचल मचा दी। लेखक यासिर उस्मान की किताब ‘संजय दत्तः द क्रेजी अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बॉलीवुड्स बैड बॉय’ के कुछ अंश मीडिया में आए, तो खुद संजय ने ट्वीट करके नाराजगी जताई। तब प्रकाशक ने कहा कि वह संजय की भावनाओं का सम्मान करते हुए आगे अंश प्रकाशित नहीं करेगा। लेकिन किताब बाजार में उतार दी गई।

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Sanjay Dutt
संजय दत्त रसूखदार-सम्मानित परिवार में पैदा हुए। इसके बावजूद ड्रग्स का शिकार हुए। कई प्रेमिकाएं उनके जीवन में आईं। उन्होंने तीन शादियां कीं। अवैध हथियार रखने के जुर्म में जेल की सजा भी काटी। कुल जमा बैड बॉय वाली इमेज उनसे सदा चिपकी रही। मगर उनके फिल्मी करियर पर इसका असर नहीं पड़ा। शिखर के दिनों में लोकप्रियता का आलम यह था कि दर्शकों ने उनके अभिनय की परवाह नहीं की। वे सिर्फ ‘संजू बाबा’ को देखने जाते रहे। हालांकि, अब वक्त बदल गया है और संजय को नए सिरे से पैर जमाने की कोशिश करनी पड़ रही है। ऐसे में इस अनधिकृत जीवनी ने उन्हें अनचाही सुर्खियां दिला दी। क्या इससे निर्देशक राजकुमार हिरानी द्वारा बनाई गई संजय की बायोपिक और उनकी आने वाली अन्य फिल्मों को फायदा मिलेगा?
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मां नरगिस और पिता सुनील दत्त के साथ नन्हें संजय
फिल्म प्रेमी जानना चाहते हैं कि बायोपिक में संजय की जिंदगी कैसी/कितनी सच दिखाई गई है। लेकिन किताब ने फिल्म से पहले संजय के जीवन के कुछ चाहे-अनचाहे पन्ने खोल दिए। नरगिस दत्त की गंभीर बीमारी, उनके परिवार की स्थिति, पहली पत्नी रिचा शर्मा से संजय के विवाह तथा टीना मुनीम-माधुरी दीक्षित से प्रेम संबंधों पर चर्चाओं वाले किताब के कुछ अंश मीडिया में आए। फैन्स ने जब तीखी प्रतिक्रिया की, तो संजय खुद सामने आए। ट्विटर पर कहा कि इन पर विश्वास न किया जाए। इन अंशों से वह आहत हुए हैं। संजय ने लेखक-प्रकाशक को नोटिस भिजवाए, परंतु इनका सीधा-सा जवाब यह है कि किताब में वही बातें हैं, जो पहले से पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। जो संजय के करीबियों से बातचीत में पता चलीं।
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बोले कि ‘माता पिता की ना सुनने का खामियाजा उठाना ही होता है’ - फोटो : अमर उजाला
संजय को करीब से जानने वाले मानते हैं कि उन्होंने हमेशा अपनी ‘हालात का शिकार’ वाली मासूम छवि को बनाए रखा है। इसका उन्हें लाभ मिला। क्या हिरानी की फिल्म संजय की कहानी को इसी अंदाज में पेश करेगी? सवाल यह भी है कि क्या संजय इसलिए किताब पर भड़के कि वह उनकी मासूम छवि के पार जाने की कोशिश करती है? संजय ने फैन्स से कहा है कि वह खुद आत्मकथा लिखेंगे, परंतु कब? नवाजुद्दीन सिद्दीकी इस मामले में अपने हाथ जला चुके हैं। पुराने प्रेम प्रसंगों की चर्चा का विरोध होने के बाद उन्हें किताब वापस लेनी पड़ी। 
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संजय दत्त आमिर खान
कई फिल्मी सितारे दबी जुबान में स्वीकार करते हैं कि आत्मकथा लिखना स्वयं के लिए संभव नहीं होगा, क्योंकि बहुत सारे लोगों/महिला मित्रों के जीवन के राज खुलेंगे। वक्त गुजरने के साथ कोई किसी के सुखी संसार में हस्तक्षेप करना नहीं चाहता। संजय के जीवन में वह सारा इमोशन-एक्शन-ड्रामा और रोमांस है, जो किसी ब्लॉकबस्टर बॉलीवुड फिल्म में मिलता है। लेकिन उसकी पक्की स्क्रिप्ट हमेशा नदारद रहती है। क्या संजय अपने जीवन के सच लिख पाएंगे?
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