gulzar
- फोटो : Social Media
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने वाले जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ आईआईटी कानपुर में 17 दिसंबर को हुए प्रदर्शन का मामला गरमा गया है। कई प्रोफेसरों ने शिकायत की थी प्रदर्शनकारी छात्रों ने विरोध जताने के लिए पाकिस्तानी शायर फैज अहमद की नज्म ‘हम देखेंगे, लाजिम है हम भी देखेंगे...’ गाई थी, जोकि हिंदू और राष्ट्र विरोधी है। इस मामले ने तूल पकड़ा और राजनेताओं से लेकर अभिनेताओं तक ने इस पर अपनी प्रतक्रिया दी। अब इस विवाद पर मशहूर गीतकार गुलजार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि फैज साहब पर इल्जाम लगाना गलत है।
फैज की नज्म को राष्ट्र विरोधी बताने पर आया गुलजार का बयान, कह दी ऐसी बात