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Budget 2022: इस बार भी मीडिया उद्योग को नहीं मिली राहत, कोरोना के बाद से कर रहे हैं ये मांगें

Tue, 01 Feb 2022 01:38 PM IST
वर्तिका तोलानी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Budget 2022 For Entertainment Industry - फोटो : सोशल मीडिया
2022 का बजट ऐतिहासिक माना जा रहा था, लेकिन हर साल की तरह इस वर्ष भी भारतीय मीडिया और मनोरंजन (एमएंडई) जगत एक बार फिर खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है। डिजिटल करेंसी, गेमिंग और एनिमेशन इंडस्ट्री के इमरजेंस और योजगार पर स्पष्ट रूप से ध्यान दिया गया, लेकिन भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए कोई छूट या आवंटन नहीं दिया गया है। कोविड -19 के प्रकोप के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित सिनेमाघरों के मालिकों को सरकार से आगामी बजट में कर राहत और पूंजी सहायता की उम्मीद थी। हालांकि उन्हें पिछले साल की तरह इस बार भी निराशा हाथ लगी।
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दक्षिण भारतीय फिल्म - फोटो : सोशल मीडिया
भारत, दुनिया भर के मनोरंजन उद्योग के सबसे बड़ी उद्योगों में से एक है। कई भाषाओं में सालाना 1500 से अधिक फिल्म बनाने वाली मीडिया इंडस्ट्री भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने में भी मदद करती है। ऐसे में प्रसारण क्षेत्र के लिए उद्योग का दर्जा और बुनियादी ढांचे की मांग करना गलत नहीं। लेकिन इस साल भी दोनों मांगों को पूरा नहीं किया गया।
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मोबाइल थिएटर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कोरोना काल में टूट चुकी इंडस्ट्री के लोग यह मांग कर रहे थे कि सिनेमा के उपकरणों पर लगने वाले जीएसटी/टैक्स को कम किया जाना चाहिए। ताकि सिनेमाघरों में लगनी वाली टिकट का मूल्य कम हो सके और लोग सिनेमाघरों में फिल्में देखने के लिए एक बार फिर से भारी तादात में जा सकें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 
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ओटीटी - फोटो : Istock
बता दें कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद से ही लोग थिएटर्स से दूरी बनाने लगे हैं। ऐसे में सिंगल विंडो क्लियरेंस, लाइसेंस और टैक्स में रियायत इस इंडस्ट्री को एक बार फिर से बूस्ट करने में मदद कर सकती थी। लेकिन इस बार के बजट में केवल निराशा हाथ लगी।
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