2022 का बजट ऐतिहासिक माना जा रहा था, लेकिन हर साल की तरह इस वर्ष भी भारतीय मीडिया और मनोरंजन (एमएंडई) जगत एक बार फिर खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है। डिजिटल करेंसी, गेमिंग और एनिमेशन इंडस्ट्री के इमरजेंस और योजगार पर स्पष्ट रूप से ध्यान दिया गया, लेकिन भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए कोई छूट या आवंटन नहीं दिया गया है। कोविड -19 के प्रकोप के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित सिनेमाघरों के मालिकों को सरकार से आगामी बजट में कर राहत और पूंजी सहायता की उम्मीद थी। हालांकि उन्हें पिछले साल की तरह इस बार भी निराशा हाथ लगी।