आयुष्मान खुराना
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
आयुष्मान को उम्मीद है कि यूनिसेफ के साथ मिलकर वह उन सभी बच्चों की मदद कर पाएंगे, जिन्हें तुरंत सुरक्षा की जरूरत है। वह कहते हैं, "समाज में बच्चों के खिलाफ हिंसा हर तरफ फैली हुई है, जिसमें बुलीइंग, सेक्सुअल एब्यूज, मार-पीट और ऑनलाइन वायलेंस जैसे हिंसा के कई अलग-अलग रूप शामिल हैं। ज्यादातर मामलों में अपराधी ऐसे लोग होते हैं जिन पर बच्चे बहुत भरोसा करते हैं या जिन्हें अच्छी तरह जानते हैं, और ऐसे लोगों में पेरेंट्स, परिवार के सदस्य, पड़ोसी और दोस्त या रिश्तेदार भी शामिल होते हैं। बच्चों के खिलाफ हर तरह के वायलेंस को खत्म करना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए हम सभी को साथ मिलकर अपनी कोशिश जारी रखनी होगी।”