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World Press Freedom Day: बॉलीवुड फिल्मों में दिखी निर्भीक पत्रकारिता, इन एक्टर्स ने निभाए जर्नलिस्ट के रोल

Sat, 03 May 2025 08:59 AM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

बॉलीवुड में भी पत्रकारिता से जुड़ी या पत्रकाराें को कहानी के केंद्र में दिखाती फिल्में बनी हैं। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे (3 मई) के मौके पर जानिए ऐसी ही कुछ चर्चित फिल्मों के बारे में। साथ ही किन-किन कलाकारों ने पत्रकार के रोल बड़े पर्दे पर निभाए हैं, यह भी जानिए। 

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फिल्म 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी', 'साबरमति रिपोर्ट' और 'नो वन किल्ड जेसिका' - फोटो : एक्स (ट्विटर)

मीडिया, पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। किसी भी समाज, देश में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य पत्रकारिता करती है। एक पत्रकार का उद्देश्य सच को सामने लाना होता है, इस राह में उसे मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। देश-दुनिया में तो पत्रकार सच को सामने लाने के कारण अपनी जान भी गंवा देते हैं। बॉलीवुड में भी ऐसी फिल्में बनी हैं, जो पत्रकारों का संघर्ष दिखाती हैं या उनके नजरिए से कहानी को दिखाती हैं। जानिए, ऐसी ही कुछ चुनिंदा फिल्मों के बारे में। 

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फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' - फोटो : इंस्टाग्राम @vikrantmassey

साबरमति रिपोर्ट
पिछले साल फिल्म ‘साबरमति रिपोर्ट’ नाम की फिल्म रिलीज हुई। धीरज सरना निर्देशित इस फिल्म में विक्रांत मैसी एक पत्रकार की भूमिका में नजर आए। फिल्म की कहानी में समर कुमार (विक्रांत मैसी) 2002 के गोधरा ट्रेन अग्निकांड की सच्चाई को उजागर करता है। इस कोशिश में उसे तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 

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फिल्म नायक का एक दृश्य - फोटो : एक्स (ट्विटर)

नायक
एस शंकर निर्देशित फिल्म ‘नायक(2002)’ में अनिल कपूर ने एक टीवी पत्रकार का रोल किया था। फिल्म की कहानी में शिवाजी राव (अनिल कपूर) एक पत्रकार है, जिसका सामना एक भष्ट्र राजनेता होता है। इस कहानी में पेशे से पत्रकार शिवाजी की एक दिन के मुख्यमंत्री बनने की कहानी भी है। इस एक दिन में ही वह सिस्टम को बदलकर रख देता है। 


 

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फिल्म 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' में शाहरुख खान - फोटो : एक्स (ट्विटर)
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ में शाहरुख खान और जूही चावला ने टीवी रिपोर्टर के रोल किए। अजीज मिर्जा निर्देशित इस फिल्म में परेश रावल ने मोहन नाम का किरदार निभाया, जिसे एक गलत इल्जाम में फांसी होने वाली है, उसे आतंकवादी माना जाता है। जबकि हकीकत कुछ और है। इसी सच्चाई को फिल्म में शाहरुख खान का किरदार अजय और जूही का किरदार रिया सामने लाते हैं। फिल्म जरूर कॉमेडी ड्रामा थी लेकिन एक गहरा संदेश देकर जाती है। 
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मद्रास कैफे के एक सीन में जॉन अब्राहम - फोटो : वीडियो ग्रैब
मद्रास कैफ
फिल्म मद्रास कैफे (2013) में नरगिस फाखरी ने एक ब्रिटिश जर्नलिस्ट का रोल किया, वहीं जॉन अब्राहम ने एक भारतीय आर्मी ऑफिसर का रोल किया था। शूजिक सरकार निर्देशित इस फिल्म की कहानी में श्रीलंका में चले रहे सिविल वॉर और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की कहानी को दिखाया है। 
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पीपली लाइव - फोटो : यूट्यूब ग्रैब
पीपली लाइव
फिल्म पीपल लाइव (2010) एक सटायर कॉमेडी फिल्म थी। इसकी कहानी में एक किसान की आत्महत्या को केंद्र में रखा गया। फिल्म में एक तरफ तो पत्रकार राकेश (नवाजुद्दीन) है, जो किसानों की आत्महत्या की कहानी के पीछे के सच को दिखाना चाहता है। वहीं मीडिया के ही कुछ लोग उस किसान के जरिए टीआरपी पाना चाहते हैं। फिल्म को अनुषा रिजवी ने निर्देशित किया था, आमिर खान ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया। 
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फिल्म-'नो वन किल्ड जेसिका' - फोटो : एक्स (ट्विटर)
नो वन किल्ड जेसिका
फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका(2011)’ को राजकुमार गुप्ता ने निर्देशित किया था। इस क्राइम ड्रामा फिल्म की कहानी जेसिक लाल केस पर आधारित थी। दिल्ली में एक मॉडल, बारटेंडर की गोली मारकर हत्या हो जाती है, यह हत्या एक पॉलिटिशियन का बेटा करता है। फिल्म में विद्या बालन ने जेसिका लाल की बहन का रोल निभाया है, जो कोर्ट में सालों तक न्याय की बाट देखती है। वहीं रानी मुखर्जी ने एक बहादुर पत्रकार का रोल किया है, जो जेसिका लाल केस में एक अहम किरदार बन जाती है। 

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