जवाहरलाल नेहरू, दिलीप कुमार
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दिलीप कुमार ने फिल्म को बिना बदलाव के रिलीज कराने के सारे तिगड़म अपना लिए थे, लेकिन एक भी उनके काम नहीं आया था। ऐसे में इसके बाद इंदिरा गांधी ने दिलीप कुमार की तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ 15 मिनट की मीटिंग तय कराई। दिलीप ने नेहरू से मुलाकात कर मदद की गुहार मांगी थी। तब जाकर दिलीप कुमार की यह फिल्म रिलीज हो पाई थी। दरअसल, इस मीटिंग में दौरान दिलीप कुमार ने प्रधानमंत्री को अपनी परेशानी बताई और सेंसर बोर्ड के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए थे। दिलीप कुमार ने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड ने तानाशाहों की तरह व्यवहार किया है और उनकी तरफ से दिए गए किसी भी तर्क पर गौर नहीं किया।