gunjan saxena
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वायुसेना के पहले बैच में शामिल
आज से 20 साल पहले वायुसेना में महिलाओं को आज की तरह फुल कमीशन नहीं दिया जाता था, बल्कि शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए 7 सालों तक ही देश की सेवा करने का मौका मिलता था। ऐसे में सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली गुंजन सक्सेना और श्रीविद्या राजन उन 25 ट्रेनी पायलटों में शामिल थीं, जिन्हें 1994 में भारतीय वायुसेना के पहले बैच में शामिल होने का मौका मिला था।